विद्यालयों को आपदा व जोखिम से बचाने के लिए 280 मास्टर ट्रेनर्स होंगे प्रशिक्षित
विद्यालयों को सुरक्षित बनाने और आपदा प्रबंधन की तैयारी मजबूत करने के लिए शुक्रवार से राजधानी में राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ।

पटना: विद्यालयों को सुरक्षित बनाने और आपदा प्रबंधन की तैयारी मजबूत करने के लिए शुक्रवार से राजधानी में राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। इसके तहत चयनित मास्टर प्रशिक्षकों को दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका आयोजन बिहार शिक्षा परियोजना परिषद और यूनिसेफ ने संयुक्त रूप से किया है। यह कार्यक्रम 12 नवम्बर तक चलेगा। इसमें 280 मास्टर ट्रेनर्स को पांच बैच में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद ये मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने जिलों में शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। अगले दो माह के भीतर राज्य के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के 1,25,211 शिक्षकों का उन्मुखीकरण किया जाएगा।
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक नवदीप शुक्ला के मार्गदर्शन में राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी मेहताब रहमानी, अपर राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. उदय कुमार उज्ज्वल, बसंत कुमार सिन्हा, राजीव कुमार और यूनिसेफ के पल्लव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
पहले दिन मास्टर प्रशिक्षकों को विद्यालय परिसर में संभावित खतरों की पहचान करने की जानकारी दी गई। उन्हें सुरक्षित निकासी योजना बनाने और मॉक ड्रिल कराने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। साथ ही, विद्यार्थियों में आपदा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षा की आदत विकसित करने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. उदय कुमार उज्ज्वल ने किया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों को आपदा और विभिन्न प्रकार के जोखिमों से सुरक्षित बनाना है। इसके माध्यम से विद्यालय स्तर पर सुरक्षा संबंधी तैयारियों को मजबूत किया जाएगा। साथ ही, विद्यालयों में सुरक्षित और आपदा के प्रति जागरूक शैक्षिक वातावरण विकसित करने में मदद मिलेगी।













