बिहार में भ्रष्टाचार पर प्रहार, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के चार ठिकानों पर विजिलेंस का छापा
बिहार में ग्रामीण कार्य विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर पर निगरानी का बड़ा एक्शन हुआ है। आय से अधिक संपत्ति मामले में इंजीनियर चंद्रशेखर सिंह के ठिकानों पर छापेमारी हुई। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने एक साथ चार ठिकानों पर छापेमारी की।

बिहार में ग्रामीण कार्य विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर पर निगरानी का बड़ा एक्शन हुआ है। आय से अधिक संपत्ति मामले में इंजीनियर चंद्रशेखर सिंह के ठिकानों पर छापेमारी हुई। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने एक साथ चार ठिकानों पर छापेमारी की। पटना, छपरा और कटिहार के अलावा सिलीगुड़ी में भी जांच चल रही है। पटना के रूपसपुर थाना क्षेत्र स्थित अपार्टमेंट में भी निगरानी की टीम पहुंची है। सरयुग वामिका अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 103 में दस्तावेजों की जांच चल रही है। जमीन, मकान, बैंक खातों और निवेश से जुड़े कागजात टीम खंगाल रही है। आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
दरअसल चंद्रशेखर सिंह, पिता स्वर्गीय चंद्रदेव सिंह, कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग के विरुद्ध लगभग 1.10 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में निगरानी थाना कांड संख्या 121/2026, दिनांक 13.10.2026, धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(b), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। उक्त कांड के अनुसंधान के क्रम में आज दिनांक 15.10.2026 को चंद्रशेखर सिंह से संबंधित निम्नलिखित चार ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई की जा रही है—
1. छपरा स्थित उनका कार्यालय।
2. पटना स्थित सरयुग वमिका अपार्टमेंट का फ्लैट नंबर 103।
3. कटिहार नगर के लोहिया नगर स्थित उनका आवासीय मकान।
4. पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिला अंतर्गत फनसीदेवा थाना क्षेत्र स्थित ठिकाना।
तलाशी के क्रम में पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिला अंतर्गत फनसीदेवा थाना क्षेत्र में उनकी पत्नी श्वेता कुमारी के नाम पर वर्ष 2021 में क्रय की गई कुल 92 डिसमिल (लगभग 31 कट्ठा) भूमि का पता चला है। उक्त भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट स्थित बताई जा रही है तथा उसका बाजार मूल्य करोड़ों रुपये होने की जानकारी प्राप्त हुई है। भूमि के वास्तविक बाजार मूल्य का सत्यापन किया जाना है।
उल्लेखनीय है कि उक्त भूमि का उल्लेख उनके द्वारा विभाग को समर्पित वर्ष 2025-26 की परिसंपत्ति विवरणी (Asset Declaration) में नहीं किया गया है। इस प्रकार, प्रथम दृष्टया उक्त अचल संपत्ति को विभागीय परिसंपत्ति विवरणी में प्रदर्शित नहीं किए जाने का मामला प्रकाश में आया है, जो जांच की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
तलाशी के दौरान अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटना स्थित आवास से लगभग 3 लाख रुपये नकद तथा कटिहार स्थित आवास से लगभग 2 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। इसके अतिरिक्त, कटिहार स्थित आवास से लगभग 250 ग्राम सोने-चांदी के आभूषण भी प्राप्त हुए हैं।
उक्त भूमि के क्रय संबंधी दस्तावेजों, क्रय मूल्य, वर्तमान बाजार मूल्य, वित्तीय स्रोतों तथा परिसंपत्ति विवरणी में भूमि का उल्लेख नहीं किए जाने के कारणों का सत्यापन किया जा रहा है। बरामद नकदी एवं आभूषणों के संबंध में भी आवश्यक जांच की जा रही है।
चारों ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई अभी जारी है। तलाशी की कार्रवाई पूर्ण होने के पश्चात बरामदगी एवं अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी अलग से उपलब्ध कराई जाएगी।













