नालंदा पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, नालंदा विश्वविद्यालय का किया भ्रमण, SIR पर दिया बड़ा बयान
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार आज नालंदा दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले विश्व प्रसिद्ध प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेषों का भ्रमण किया। इसके बाद उन्होंने नालंदा संग्रहालय का भी अवलोकन किया।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार आज नालंदा दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले विश्व प्रसिद्ध प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेषों का भ्रमण किया। इसके बाद उन्होंने नालंदा संग्रहालय का भी अवलोकन किया। ऐतिहासिक धरोहर को देखकर मुख्य चुनाव आयुक्त ने खुद को गौरवान्वित महसूस करने की बात कही।
नालंदा खंडहर के भ्रमण के दौरान ज्ञानेश कुमार ने कहा कि उन्होंने इतिहास के पन्नों में नालंदा के बारे में पढ़ा और सुना था, लेकिन आज इस ऐतिहासिक धरोहर को सामने देखकर उन्हें बेहद गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि हजारों साल पहले भारतीय संस्कृति और शिक्षा कितनी उन्नत रही होगी, इसका अनुभव नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेषों को देखकर होता है।
दौरे के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने बूथ लेवल ऑफिसर्स यानी बीएलओ के साथ संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि बीएलओ लोकतंत्र की आधारशिला हैं। मतदाता सूची के सत्यापन, राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट और पोलिंग एजेंट की भूमिका के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया और काउंटिंग के दौरान होने वाले ऑडिट को लेकर भी बीएलओ से चर्चा हुई। ज्ञानेश कुमार ने बिहार में एसआईआर के दौरान बीएलओ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल बिहार बल्कि पूरे देश और दुनिया को एक राह दिखाने का काम किया है। उन्होंने सभी बीएलओ को उनके बेहतर कार्य के लिए धन्यवाद दिया और उनका हौसला बढ़ाया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि बिहार में एक महीने के भीतर एसआईआर पूरा किया जाना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी निर्वाचन से जुड़े सभी लोग आगे बढ़कर लोकतंत्र को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है और सभी को लोकतंत्र के सच्चे सिपाही के रूप में काम करना चाहिए।
संवाद में शामिल बीएलओ ने कहा कि बैठक में एसआईआर की उपलब्धियों पर चर्चा हुई। बिहार ने महज एक महीने में एसआईआर पूरा कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से मतदाता सूची और चुनाव व्यवस्था को मजबूती मिली है। बिहार ने पूरे देश को निष्पक्ष और बेहतर चुनाव कराने की दिशा में एक राह दिखाई है। बीएलओ ने कहा कि वे आगे भी लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए एक सच्चे सिपाही के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।
नालंदा से मिथुन कुमार की रिपोर्ट











