स्वास्थ्य विभाग के सुरक्षा गार्डों की हड़ताल खत्म, पांच दिन का दिया अल्टीमेटम
जहानाबाद। जिले के सरकारी अस्पतालों में तैनात सुरक्षा गार्डों की दो दिनों से चल रही हड़ताल गुरुवार को समाप्त हो गई। सुरक्षा गार्डों ने अपनी मांगों को लेकर दो दिनों तक काम का बहिष्कार करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया था।

जहानाबाद। जिले के सरकारी अस्पतालों में तैनात सुरक्षा गार्डों की दो दिनों से चल रही हड़ताल गुरुवार को समाप्त हो गई। नई एजेंसी ई-लाइट फाल्कन के साथ वेतन में बढ़ोतरी, पीएफ की राशि नियमित रूप से जमा करने और दो माह के बकाया वेतन के भुगतान को लेकर आश्वासन मिलने के बाद जहानाबाद सदर अस्पताल सहित जिले के सभी प्रखंडों में तैनात सुरक्षा कर्मचारी काम पर लौट आए।
सुरक्षा गार्डों ने अपनी मांगों को लेकर दो दिनों तक काम का बहिष्कार करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद जिलाधिकारी को मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा गया था। गार्डों की प्रमुख मांगों में वेतन बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह करना, दो माह के बकाया वेतन का भुगतान और पीएफ खाते में प्रतिमाह 3,600 रुपये जमा करना शामिल था।
सुरक्षा गार्डों का कहना था कि वर्ष 2023 में उनके पीएफ खाते में 3,600 रुपये प्रतिमाह की राशि जमा की जाती थी, लेकिन बाद में इसे घटाकर 2,000 रुपये कर दिया गया। वहीं, पुरानी एजेंसी पर पिछले चार वर्षों से वेतन में बढ़ोतरी नहीं करने का भी आरोप लगाया गया था। इसी बीच स्वास्थ्य विभाग की एजेंसी बदलने के बाद गार्डों ने नई एजेंसी के समक्ष अपनी मांगें रखीं।
नई एजेंसी ने दिया आश्वासन
मामले में नई एजेंसी के मैनेजर से वार्ता के बाद गार्डों को वेतन में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी करने, पीएफ खाते में प्रतिमाह 3,600 रुपये जमा करने तथा दो माह के बकाया वेतन का भुगतान करने का आश्वासन दिया गया। एजेंसी ने बकाया राशि के भुगतान के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है।
सुरक्षा ऑफिसर राजकिशोर शर्मा की अध्यक्षता में गार्डों ने एजेंसी के प्रतिनिधियों से बातचीत की। राजकिशोर शर्मा ने बताया कि मैनेजर के साथ उनकी बातचीत हुई है। मैनेजर ने मांगों पर काम करने और समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया है। इसी आश्वासन के बाद सभी सुरक्षा कर्मचारी गुरुवार से काम पर लौट आए हैं।
उन्होंने कहा कि एजेंसी को मांगें पूरी करने के लिए पांच दिन का समय दिया गया है। यदि निर्धारित समय में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो सुरक्षा गार्ड एक बार फिर आंदोलन और प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
दो दिनों तक प्रभावित रही अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था
सुरक्षा गार्डों के दो दिनों तक हड़ताल पर रहने से सदर अस्पताल सहित जिले के सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित रही। मरीजों की कतार व्यवस्थित कराने, अस्पताल परिसर की निगरानी करने और अन्य सुरक्षा संबंधी कार्यों में भी परेशानी हुई। गुरुवार को गार्डों के वापस काम पर लौटने के बाद अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था फिर सामान्य हो गई।
जहानाबाद से बरुण कुमार की रिपोर्ट











