भोरे के fDI गोदाम में मिले कीड़े वाले राशन, सियासत गर्म, जांच के आदेश
गोपालगंज (भोरे): बिहार राज्य खाद्य निगम के भोरे स्थित गोदाम से जन वितरण प्रणाली के तहत बांटे जाने वाले चावल में कीड़े मिलने का मामला गरमा गया है। गरीबों के हक के राशन में मरे हुए कीड़ों का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।

गोपालगंज (भोरे): बिहार राज्य खाद्य निगम के भोरे स्थित गोदाम से जन वितरण प्रणाली के तहत बांटे जाने वाले चावल में कीड़े मिलने का मामला गरमा गया है। गरीबों के हक के राशन में मरे हुए कीड़ों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
कीड़ों का वीडियो वायरल, उठे गंभीर सवाल
भोरे भाकपा माले द्वारा कीड़े युक्त चावल का वीडियो जारी किए जाने के बाद सरकारी दावों की पोल खुलती दिख रही है। पैक्स अध्यक्ष राघव प्रसाद ने भी गरीबों की थाली में दिए जा रहे इस घटिया अनाज पर सीधे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने AJM को लिखित प्रतिवेदन देकर अच्छे रासन की माँग की है। ग्राउंड जीरो पर की गई पड़ताल में गोदाम में सफाई के दौरान भारी मात्रा में मरे हुए कीड़े मिले हैं।
इस घटना ने अनाज की आपूर्ति प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि राइस मिलों से डिलीवरी के दौरान जब दवाओं के छिड़काव और फ्यूमिगेशन का दावा किया जाता है, तो बोरों से कीड़े कैसे निकल रहे हैं। क्या यह राइस मिलों की लापरवाही है, और यदि हां, तो उन पर अब तक कोई कठोर प्रशासनिक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
प्रशासन की सफाई..
मामला तूल पकड़ते देख असिस्टेंट गोदाम मैनेजर गजेंद्र सिंह ने प्रशासनिक पक्ष रखते हुए कहा कि कीड़े चावल के दानों के अंदर नहीं, बल्कि बोरों की बाहरी सतह पर पाए गए हैं। उन्होंने तर्क दिया कि बारिश और नमी के मौसम के कारण गोदामों में अनाज में ऐसी समस्या आ जाती है। फिलहाल स्टॉक की ब्रशिंग और सफाई कराई जा रही है, और चावल को पूरी तरह साफ करने के बाद ही पीडीएस डीलरों को भेजा जाएगा।
वहीं मामले को लेकर माले नेता सुभाष पटेल ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा है कि यह गरीबों क़े साथ छल किया जा रहा है। उन्होंने सीधे जांच की मांग की है। जबकि जिला परिषद धर्मेंद्र चौहान ने भी गरीबों को दी जाने वाली इस अनाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह भद्दा मज़ाक है।
भोरे CO ने दिए जांच के आदेश
प्रशासनिक सफाई के बावजूद यह मामला गरीबों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ और सरकारी व्यवस्था की पोल खोलता दिख रहा है।भोरे के अंचलाधिकारी अनुभव राय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और इसमें दोषी पाए जाने वाले मिलरों या अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट










