बाढ़ पीड़ितों का दर्द बना जल सत्याग्रह, हजारों महिला-पुरुषों ने पानी में उतरकर उठाई आवाज
पश्चिम चंपारण के जोगापट्टी प्रखंड की सिसवा मंगलपुर पंचायत में बाढ़ और गंडक नदी के कटाव से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश अब आंदोलन में बदल गया है। हजारों महिला-पुरुषों ने नाव और पानी में पैदल उतरकर जल सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया।

पश्चिम चंपारण के जोगापट्टी प्रखंड की सिसवा मंगलपुर पंचायत में बाढ़ और गंडक नदी के कटाव से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश अब आंदोलन में बदल गया है। हजारों महिला-पुरुषों ने नाव और पानी में पैदल उतरकर जल सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया। ग्रामीणों का कहना है कि गंडक नदी के भीषण कटाव में करीब 30 से 40 घर नदी में समा चुके हैं, जबकि कई गांव अब भी बाढ़ की चपेट में हैं।
बाढ़ के कारण हजारों एकड़ में लगी फसलें बर्बाद हो गई हैं, जिससे ग्रामीणों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इतनी बड़ी तबाही के बावजूद जिला प्रशासन अब तक उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा है।
बाढ़ पीड़ितों ने जनप्रतिनिधियों पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि विधायक और सांसद चुनाव के समय वोट मांगने पहुंचते हैं, लेकिन आपदा की घड़ी में उनका हाल जानने तक नहीं आए।
ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से स्थायी कटावरोधी व्यवस्था, विस्थापित परिवारों को तत्काल राहत और फसल क्षति का मुआवजा देने की मांग की है। पानी में उतरकर जारी जल सत्याग्रह ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
बगहा से परवेज आलम की रिपोर्ट










