आठ अमर शहीदों की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन, डीएम समेत गणमान्य व्यक्तियों ने सर्वोच्च बलिदान को किया याद
खबर बेतिया के पश्चिमी चंपारण से है, जहां अगस्त 1942 को भारत माता को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले बेतिया के आठ अमर शहीदों की स्मृति में आज शहीद स्मारक परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

खबर बेतिया के पश्चिमी चंपारण से है, जहां अगस्त 1942 को भारत माता को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले बेतिया के आठ अमर शहीदों की स्मृति में आज शहीद स्मारक परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने अमर शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उनके अदम्य साहस, त्याग और सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
श्रद्धांजलि समारोह का शुभारंभ सशस्त्र बल के जवानों द्वारा अमर शहीदों के सम्मान में दी गई सलामी परेड के साथ हुआ। इसके पश्चात महापौर, नगर निगम बेतिया, श्रीमती गरिमा देवी सिकारिया, जिलाधिकारी तरनजोत सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक कुमार गौतम, उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन सहित उपस्थित अधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस मौके पर जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने कहा कि बेतिया की धरती के वीर सपूतों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर इतिहास में अमिट स्थान बनाया है। उनका त्याग और बलिदान हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि अमर शहीदों ने हमें यह संदेश दिया है कि राष्ट्र सर्वोपरि है और देश के सम्मान, एकता एवं विकास के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने उपस्थित लोगों से शहीदों के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा अपने जिले, राज्य और देश के विकास में सक्रिय एवं सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान शहीदों के परिजनों को भी सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने शहीदों के आश्रितों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उन्हें उपहार देकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार और समाज शहीदों के परिवारों के प्रति सदैव कृतज्ञ रहेगा तथा उनके सम्मान और सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
बगहा से परवेज आलम की रिपोर्ट











