गांधी जयंती के दिन युवक की गोली मारकर हत्या, पुलिस के दावों के बीच उठे सुरक्षा पर सवाल
गांधी जयंती के दिन जब देश अहिंसा और शांति का संदेश याद कर रहा था, उसी दिन बेगूसराय के फुलवड़िया थाना क्षेत्र में अपराधियों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी।

बेगूसराय : गांधी जयंती के दिन जब देश अहिंसा और शांति का संदेश याद कर रहा था, उसी दिन बेगूसराय के फुलवड़िया थाना क्षेत्र में अपराधियों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। फुलवड़िया थाना क्षेत्र के बख्तर स्थान के समीप शुक्रवार की शाम बाइक सवार बदमाशों ने युवक पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल युवक ने इलाज के लिए ले जाने के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद इलाके में दहशत और परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की पहचान फुलवड़िया थाना क्षेत्र के तीन बटिया स्थान निवासी गणेश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक उसकी उम्र करीब 27 वर्ष बताई गई है। पुलिस के अनुसार, गणेश अपनी मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था। इसी दौरान पीछे से बाइक पर आए दो अज्ञात अपराधियों ने उस पर कई राउंड फायरिंग कर दी। स्थानीय लोगों के अनुसार, वह वाहन धोने का काम करता था। घटना के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही फुलवड़िया थाना की पुलिस मौके पर पहुंची, FSL की टीम भी
घटना की सूचना मिलते ही फुलवड़िया थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर एफएसएल टीम को सूचना दी। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार घटनास्थल के आसपास से बाइक और खोखे भी बरामद किए गए हैं। मामले के शीघ्र उद्भेदन और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एसडीपीओ तेघड़ा के नेतृत्व में छापेमारी की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। हालांकि, इस घटना ने फुलवड़िया थाना क्षेत्र में पुलिसिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस समय अपराधी सरेशाम सड़क पर युवक पर गोलियां बरसा रहे थे, उस दौरान पुलिस की मौजूदगी और गश्ती व्यवस्था को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों में लगातार आपराधिक घटनाओं को लेकर चिंता है और वे पुलिस गश्त बढ़ाने व अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर अपराधियों में पुलिस का खौफ क्यों नहीं दिख रहा है?
वहीं सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर अपराधियों में पुलिस का खौफ क्यों नहीं दिख रहा है? पुलिस हर बड़ी वारदात के बाद सीसीटीवी खंगालने, छापेमारी करने और जल्द गिरफ्तारी का दावा करती है, लेकिन जब तक अपराधी पकड़े नहीं जाते, तब तक ऐसे दावे पीड़ित परिवार और आम लोगों को सुरक्षा का भरोसा नहीं दे पाते। बेगूसराय में सितंबर में भी गोली मारकर हत्या की घटनाएं सामने आई थीं। ऐसे में गांधी जयंती के दिन हुई यह वारदात कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि पुलिस अपने दावों के मुताबिक कितनी जल्दी अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करती है और इस हत्याकांड का वास्तविक कारण क्या सामने आता है।
बेगूसराय से अजय कुमार शास्त्री की रिपोर्ट










