पैसों के अभाव में कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित नहीं रहेगा, बेगूसराय सदर अस्पताल में लीगल एड क्लीनिक का उद्घाटन
बिहार के बेगूसराय से बड़ी खबर है, जहां सदर अस्पताल परिसर में लीगल एड क्लीनिक का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने किया। इस क्लीनिक का मुख्य उद्देश्य समाज के शोषित, वंचित और असहाय लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है।

बिहार के बेगूसराय से बड़ी खबर है, जहां सदर अस्पताल परिसर में लीगल एड क्लीनिक का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने किया। इस क्लीनिक का मुख्य उद्देश्य समाज के शोषित, वंचित और असहाय लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी व्यक्ति न्याय पाने से वंचित न रह सके।
उद्घाटन के दौरान जिला जज ने कहा कि सरकार की कई कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक नहीं पहुंच पाती है। ऐसे में लीगल एड क्लीनिक लोगों को कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
दरअसल, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण यानी नालसा के निर्देश पर बेगूसराय जिले में दूसरे लीगल एड क्लीनिक की शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें समय पर कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि कई ऐसे लोग हैं, जो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण यानी डीएलएसए कार्यालय तक नहीं पहुंच पाते हैं। इसके कारण उन्हें अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सुविधाओं की पूरी जानकारी नहीं मिल पाती है। इसी समस्या को दूर करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर लीगल एड क्लीनिक खोले जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कई कार्यकारी और कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन जागरूकता के अभाव में लोग उनका लाभ नहीं उठा पाते। वहीं, कई लोगों को योजनाओं को लागू कराने की प्रक्रिया की जानकारी भी नहीं होती। ऐसे में लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी और उन्हें उचित कानूनी मार्गदर्शन दिया जाएगा।
जिला जज ने स्पष्ट किया कि नालसा का उद्देश्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति को समान कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें उपलब्ध विधिक सहायता से जोड़ना इस पहल का अहम हिस्सा है।
एंकर आउट्रो: कुल मिलाकर, सदर अस्पताल में लीगल एड क्लीनिक की शुरुआत जरूरतमंद लोगों के लिए राहत भरी पहल मानी जा रही है। अब देखना होगा कि यह क्लीनिक आम लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध कराने में कितनी प्रभावी भूमिका निभाता है।
बेगूसराय से अजय कुo शास्त्री की रिपोर्ट













