भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह व अन्य खिलाड़ियों ने किया जू सफारी और नेचर सफारी का भ्रमण
बिहार के ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण राजगीर स्थित जू सफारी एवं नेचर सफारी में भारतीय क्रिकेट टीम के प्रतिभाशाली खिलाड़ी रिंकू सिंह एवं अन्य खिलाड़ियों के आगमन से परिसर में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला।

नालंदा : बिहार के ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण राजगीर स्थित जू सफारी एवं नेचर सफारी में भारतीय क्रिकेट टीम के प्रतिभाशाली खिलाड़ी रिंकू सिंह एवं अन्य खिलाड़ियों के आगमन से परिसर में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। खिलाड़ियों ने यहां की प्राकृतिक सुंदरता, वन्यजीवों, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी विशेषताओं का अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान खिलाड़ियों ने जू सफारी में वन्यजीवों के प्राकृतिक परिवेश तथा नेचर सफारी में प्रकृति के मनोरम दृश्यों का आनंद लिया।
राजगीर की खूबसूरत वादियों और समृद्ध जैव विविधता ने खिलाड़ियों को आकर्षित किया
आपको बता दें कि राजगीर की खूबसूरत वादियों और समृद्ध जैव विविधता ने खिलाड़ियों को आकर्षित किया। यह भ्रमण खेल, प्रकृति और पर्यटन के अनूठे संगम का एक विशेष अवसर रहा। जू सफारी एवं नेचर सफारी बिहार में पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीवों के प्रति जागरूकता और पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों का यहां आगमन राजगीर के पर्यटन आकर्षण को और अधिक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा सकता है। इस प्रकार के भ्रमण से बिहार के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलती है व युवाओं और खेल प्रेमियों को प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा मिलती है।

रिंकू सिंह ने कहा- जू सफारी में वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण में देखना बेहद रोमांचक व ज्ञानवर्धक अनुभव रहा
रिंकू सिंह ने कहा कि जू सफारी में वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण में देखना बेहद रोमांचक और ज्ञानवर्धक अनुभव रहा। यहां की हरियाली, शांत वातावरण और वन्यजीवों की विविधता ने मुझे बहुत प्रभावित किया। जू सफारी और नेचर सफारी प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं। मैं सभी युवाओं और खेल प्रेमियों से अपील करता हूं कि वे ऐसे प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण करें और पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें।
नालंदा से मिथुन कुमार की रिपोर्ट













