कांग्रेस पार्टी ने किया विरोध प्रदर्शन, केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी द्वारा लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा के संकल्प के साथ शनिवार को काला दिवस के अवसर पर कांग्रेस भवन, रांची से अल्बर्ट एक्का चौक तक विशाल विरोध मार्च निकाला गया।

रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी द्वारा लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा के संकल्प के साथ शनिवार को काला दिवस के अवसर पर कांग्रेस भवन, रांची से अल्बर्ट एक्का चौक तक विशाल विरोध मार्च निकाला गया। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष श्री केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के दौरान केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों तथा चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए गए।
कांग्रेस पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से कथित रूप से हटाए गए नामों को पुनः जोड़ने की मांग की। पार्टी ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता, मताधिकार की रक्षा और संविधान की मूल भावना को बनाए रखने की मांग करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सभी प्रदर्शनकारी काली टी-शर्ट पहने हुए थे, जिन पर वोट बचाओ-देश बचाओ और सीएसआईआर में पारदर्शिता-जनता की प्राथमिकता के नारे लिखे हुए थे।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता कमजोर की जा रही है और मौजूदा परिस्थितियां अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वोट चोरी के आरोप लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जनता के सामने सच्चाई आनी चाहिए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की तथा पूरे मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का वोट सबसे बड़ी ताकत है। यदि मतदाताओं को यह भरोसा नहीं रहेगा कि उनका वोट सुरक्षित है और चुनाव निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो रहे हैं, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर जनता का विश्वास कमजोर होगा। कांग्रेस पार्टी संविधान, निष्पक्ष चुनाव और जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि सत्ता चाहे कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, वह संविधान से ऊपर नहीं हो सकती। लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। इस विरोध मार्च में रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा एवं रांची ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रदीप तुलस्यान, कांके विधायक सुरेश बैठा, डॉ. राजेश गुप्ता, सतीश पॉल मुंजनी, लाल किशोर शाहदेव, आलोक दूबे, शशि भूषण राय, ज्योति सिंह मथारू, सूर्यकांत शुक्ला, सुरेंद्र सिंह, डॉ. एम. तौसीफ, धर्मराज राम, रविंद्र सिंह, रमा खलखो, राजन वर्मा, निशांत प्रकाश, अख्तर अली, सुनील सिंह, उमेश चौधरी, सच्चिदानंद चौधरी, उज्ज्वल प्रकाश तिवारी, आभा सिन्हा, एनेल हक, अजय शर्मा, जगदीश साहू, मोहम्मद सलीम, फिरोज रिजवी, सुंदरी तिर्की, परवेज आलम, विनोद सिंह, राजेश सिन्हा, कुलदीप कुमार, रमाकांत आनंद, राजेश चंद्र राजू, हुसैन खान, इंद्रजीत सिंह, शहनाज खातून, नीतू देवी, नरेंद्र लाल गोपी, सदाब खान, सैंकी खान, अजय सिंह, सोनी नायक, सौरव अग्रवाल, संजय कुमार, मृत्युंजय, वीरेंद्र विक्रम एवं वारिस कुरैशी सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित थे।
विरोध मार्च के समापन पर कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने संविधान की रक्षा, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित करने के संकल्प को दोहराया।
रांची से सुजीत कुमार की रिपोर्ट













