एशियन गेम्स में भारत की बेटियों ने रचा इतिहास, चीन को हरा जीता गोल्ड मेडल, ओलंपिक का टिकट भी कटाया
आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारत की बेटियों ने इतिहास रच दिया है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट टीम चीन को फाइनल में हराकर गोल्ड मेडल जीता है।

आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारत की बेटियों ने इतिहास रच दिया है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट टीम चीन को फाइनल में हराकर गोल्ड मेडल जीता है। शुक्रवार (2 अक्टूबर) को काकामिगाहारा के गिफू प्रीफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में आयोजित इस मुकाबले में भारत ने चीन को 1-0 से हराकर इतिहास रच दिया। भारतीय टीम की डिफेंस इस मैच में शानदार रही और उसने चीनी अटैक को नाकाम कर दिया। भारतीय टीम की जीत में सविता पूनिया का अहम रोल रहा, जिन्होंने पेनल्टी स्ट्रोक पर शानदार बचाव किया।
इस जीत के साथ ही 44 साल का इंतजार भी खत्म हो गया। भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है। इस जीत के साथ ही उसने लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 का टिकट भी हासिल कर लिया। भारतीय टीम के लिए इस ऐतिहासिक मैच में इकलौता गोल लालरेमसियामी (10वें मिनट) ने दागा।
पहले क्वार्टर में ही भारतीय टीम ने लीड ले ली थी। लालरेमसियामी ने भारत के लिए एकमात्र ऐतिहासिक गोल किया। लालरेमसियामी का यह गोल भारत की जीत के लिए काफी रहा। इसके बाद दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं। इस तरह भारतीय टीम ने मौजूदा चैंपियन को 1-0 से हरा दिया।
बता दें कि 44 सालों के लंबे इंतजार के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल (स्वर्ण पदक) जीता। एशियन गेम्स में महिला हॉकी की शुरुआत 1982 में हुई थी। पहले ही संस्करण में भारत ने गोल्ड मेडल जीत लिया था। उसके बाद भारत ने अब इस इवेंट में स्वर्णिम स्वर्णिम सफलता हासिल की है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने 1998 और 2018 में फाइनल तक का सफर किया, लेकिन क्रमश: साउथ कोरिया और जापान से हार के चलते रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।
बतातें चलें कि 2026 एशियन गेम्स में शुक्रवार का दिन भारत के लिए बेहद खास रहा। आज भारत की झोली में कुल 6 गोल्ड मेडल आए। भारत ने आज 13 मेडल अपने नाम किए। 16 गोल्ड के साथ मेडल टैली में भारत पांचवें स्थान पर आ गया है। भारत के कुल मेडल की संख्या अब 76 पहुंच गई है।










