बिहार कैबिनेट की अहम बैठक आज, रोजगार से लेकर विकास योजनाओं तक कई बड़े फैसलों की उम्मीद

बिहार कैबिनेट की अहम बैठक आज, रोजगार से लेकर विकास योजनाओं तक कई बड़े फैसलों की उम्मीद

बिहार कैबिनेट की अहम बैठक आज, रोजगार से लेकर विकास योजनाओं तक कई बड़े फैसलों की उम्मीद
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 27, 2026, 1:00:00 PM

बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक बुधवार शाम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित होने जा रही है। शाम 5 बजे होने वाली इस बैठक में राज्य सरकार कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर फैसला ले सकती है। बैठक में विभिन्न विभागों के मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे।

सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट में राज्य के विकास कार्यों, प्रशासनिक सुधारों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। खासतौर पर महिला रोजगार योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान करने से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। इसके अलावा सरकारी विभागों में नई नियुक्तियों और पंचायत व ग्रामीण निकायों के लिए वित्तीय आवंटन से जुड़े मामलों पर भी निर्णय लिया जा सकता है।

सरकार की ओर से संकेत मिले हैं कि बैठक में कई विभागों की लंबित योजनाओं को भी आगे बढ़ाने पर विचार होगा। कैबिनेट की कार्यवाही समाप्त होने के बाद शाम 6 बजे प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की जाएगी, जिसमें सरकार बैठक में लिए गए निर्णयों की आधिकारिक जानकारी साझा करेगी।

इससे पहले हुई पिछली कैबिनेट बैठक में कुल 13 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई थी। उस दौरान खेल अधोसंरचना, सुरक्षा व्यवस्था और विमानन क्षेत्र से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए थे। सरकार ने अरवल और औरंगाबाद जिलों में खेल परिसर निर्माण को मंजूरी दी थी, जबकि सलखुआ क्षेत्र में आउटडोर स्टेडियम विकसित करने का फैसला भी लिया गया था। इन परियोजनाओं का जिम्मा खेल विभाग को सौंपा गया है।

विमानन क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए गया और बैंकॉक के बीच सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा शुरू करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी थी। योजना के तहत राज्य सरकार एयरलाइन कंपनी को वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराएगी ताकि सेवा नियमित रूप से संचालित हो सके।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से पिछली बैठक में सीमावर्ती इलाकों की निगरानी के लिए आईजी बॉर्डर के नए पद के गठन को भी स्वीकृति मिली थी। सरकार का मानना है कि इससे अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा तंत्र को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा विशेष कार्य बल (STF) में 50 अनुभवी पुलिसकर्मियों की लंबी अवधि की प्रतिनियुक्ति को मंजूरी देकर अपराध और उग्रवाद नियंत्रण की रणनीति को और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाया गया था।