छात्रों पर गोली चलाने का मामला, राजद निकालेगी मार्च, शामिल होंगे सभी नेता
राज्य में पिछले दिनों छात्रों के द्वारा किए गए आंदोलन और सीवान जिले में उनके ऊपर एके 47 से चलायी गयी गोली को लेकर राजनीतिक गोलबंदी तेज हो गयी है।

राज्य में पिछले दिनों छात्रों के द्वारा किए गए आंदोलन और सीवान जिले में उनके ऊपर एके 47 से चलायी गयी गोली को लेकर राजनीतिक गोलबंदी तेज हो गयी है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बुधवार को नयी दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस मामले को लेकर उनकी पार्टी लडाई लडेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना में कार्रवाई करने को लेकर राजद हर मोर्चे पर संघर्ष करेगा।
तेजस्वी यादव ने कहा कि छात्रों के ऊपर एक-47 से गोली चलायी गयी। इसे पूरे देश ने देखा। पूरे देश में यह ऐसी स्थिति पहली बार बनी। देश में कई बार आंदोलन हुए लेकिन आज तक किसी के ऊपर एके 47 से गोलियां नहीं चलायी गयी। जो मासूम छात्र अपने अधिकार के लिए लड रहे थे, उनको निशाना बनाया गया। आखिर यह किसके आदेश पर हुआ? घायल छात्र पटना में एडमिट हुए। मैंने उनसे मुलाकात की। लेकिन इस मुद्दे पर बिहार के मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने कुछ नहीं कहा। देश जानना चाहता है कि छात्रों पर एके 47 से गोली चलाये जाने का गुनाहगार कौन है?
तेजस्वी का कहना था कि जब बातें बढी तो एक मामूली सिपाही को सस्पेंड करके पल्ला झाड़ दिया गया। साफ है कि यह लोग जवाब देने से इसलिए बच रहे हैं कि उनकी चोरी पकड़ी गई है। सीएम सम्राट चौधरी से जानना चाहते हैं कि जो छात्र पटना में एडमिट थे, उनको देखने भी नहीं गये। दोनों डिप्टी सीएम और सत्ताधारी दल से भी कोई देखने नहीं गया। बिहार को पुलिसिया स्टेट बनाने की कोशिश की जा रही है। हमने पहले भी कहा था कि किसी भी कीमत पर पुलिसिया स्टेट नहीं बनने देंगे। बिहार की धरती जेपी, कर्पूरी और लालू प्रसाद की धरती है।
तेजस्वी ने कहा कि सवाल यह है कि अब तक एसपी का निलंबन क्यों नहीं किया गया? इस विषय को लेकर के हम डीजीपी से भी मिले थे। उन्होंने कार्रवाई की बात की थी लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। हमारे सांसदों, विपक्ष के नेताओं और अखिलेश यादव ने संसद में इस मुद्दे को उठाया। हमने यह निर्णय लिया है कि आने वाली 19 अगस्त को 11:00 बजे हमारी पार्टी के सारे विधायक, एमएलसी, कार्यकर्ता पार्टी दफ्तर से राज भवन तक मार्च करेंगे। लोगों में गुस्सा है। ऐसी निकम्मी सरकार जो छात्रों पर गोलियां चलाने का काम करती है। एक एसपी का भी निलंबन नहीं कर सकती है। सीएम सम्राट चौधरी को माफी मांगनी चाहिए। तीनों छात्रों की किस्मत अच्छी थी कि उनकी जान बच गई। अगर उनकी जान चली जाती तो उसका जिम्मेदार कौन होता ? हमने विपक्ष के तमाम दलों को बिहार आने का अनुरोध किया है। हमारी कोशिश एक मिसाल पेश करने की है ताकि आगे से किसी सरकार को आंदोलनकारियों के ऊपर गोली चलाने की हिम्मत न हो।











