पेपर लीक पर बड़ा एक्शन, संसद में आज पेश होगा बड़ा संशोधन बिल

संसद के मानसून सत्र के छठे दिन केंद्र सरकार लोकसभा में दो महत्वपूर्ण विधायी प्रस्ताव लेकर आ रही है। इनमें सबसे अधिक चर्चा सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली अनियमितताओं और पेपर लीक पर रोक लगाने के उद्देश्य से तैयार किए गए संशोधन विधेयक की है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा विधेयक भी सदन के समक्ष रखा जाएगा।
लोकसभा की कार्यसूची के अनुसार केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को पेश करने की अनुमति मांगेंगे। यह संशोधन पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 में बदलाव का प्रस्ताव रखता है। सरकार की योजना विधेयक पेश करने के साथ ही उस पर चर्चा कराकर उसे पारित कराने की भी है।
यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब देशभर में विभिन्न प्रतियोगी और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पेपर लीक तथा अन्य गड़बड़ियों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। सरकार का मानना है कि प्रस्तावित संशोधन से परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुरक्षित बनाने के लिए कानूनी प्रावधानों को और मजबूत किया जा सकेगा।
वहीं, कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को भी विचार और पारित करने के लिए सदन में पेश करेंगे। इस विधेयक का उद्देश्य शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की संख्या से जुड़े प्रावधानों में संशोधन करना है।
हालांकि, इस मुद्दे पर सदन में तीखी बहस की संभावना जताई जा रही है। विपक्षी सांसद सौगत रे, एन.के. प्रेमचंद्रन और एडवोकेट डीन कुरियाकोस राष्ट्रपति द्वारा मई 2026 में जारी किए गए संबंधित अध्यादेश को अस्वीकार करने के लिए वैधानिक प्रस्ताव पेश करने वाले हैं। ऐसे में दोनों विधेयकों पर सरकार और विपक्ष के बीच जोरदार टकराव देखने को मिल सकता है।











