उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर बढ़ सकता है खर्च, अब साल में मिलेंगे केवल 4 सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर बढ़ सकता है खर्च, अब साल में मिलेंगे केवल 4 सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) से जुड़े करोड़ों परिवारों के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, योजना के लाभार्थियों को अब एक वित्तीय वर्ष में सिर्फ चार रियायती घरेलू एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। मंत्रालय का कहना है कि यह निर्णय लाभार्थी परिवारों की औसत गैस खपत के आकलन के आधार पर लिया गया है।
साल 2016 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, विशेषकर ग्रामीण महिलाओं को पारंपरिक ईंधनों से मुक्ति दिलाकर स्वच्छ रसोई ईंधन उपलब्ध कराना था। योजना लागू होने के समय लाभार्थियों को वर्षभर में 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर दिए जाते थे। बाद में यह संख्या घटाकर 9 कर दी गई और अब इसे और कम करते हुए चार सिलेंडर तक सीमित कर दिया गया है। इस फैसले के बाद कई परिवारों के घरेलू बजट पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
उज्ज्वला योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर खरीदने पर वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है। वर्ष 2022 में केंद्र सरकार ने प्रति सिलेंडर 200 रुपये की सब्सिडी शुरू की थी, जिसे 2023 में बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में इस मद में 52,000 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है।
सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या घटाने का निर्णय ऐसे समय में आया है जब घरेलू रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हाल ही में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 29 रुपये की वृद्धि की थी। इसके बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर की कीमत 942 रुपये तक पहुंच गई है। इससे पहले मार्च महीने में भी 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। वर्तमान सब्सिडी को समायोजित करने के बाद उज्ज्वला लाभार्थियों को एक सिलेंडर के लिए करीब 642 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। बीते तीन महीनों में घरेलू गैस की कीमतों में कुल 89 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है।
किन महिलाओं को मिलता है योजना का लाभ?
यह योजना उन महिलाओं के लिए है जिनकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक है और जिनके परिवार में पहले से कोई एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध नहीं है। कनेक्शन लाभार्थी महिला के नाम पर जारी किया जाता है। योजना के तहत गैस कनेक्शन के साथ सिलेंडर, रेगुलेटर, सुरक्षा पाइप, दो-बर्नर चूल्हा और उपयोग संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाती है।
योजना से जुड़ने की इच्छुक महिलाएं अपने नजदीकी एलपीजी वितरक केंद्र पर आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यम से भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक खाते की जानकारी और आवश्यक केवाईसी दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है।
सरकार का तर्क है कि यह बदलाव वास्तविक उपभोग के पैटर्न को ध्यान में रखकर किया गया है, लेकिन लाभार्थी परिवारों के बीच यह चिंता बनी हुई है कि कम सब्सिडी वाले सिलेंडरों और बढ़ती कीमतों का संयुक्त प्रभाव उनके मासिक खर्च को और बढ़ा सकता है।