पलामू के सफर में अब नहीं बनेगा 'बॉटलनेक'! दो फोरलेन परियोजनाओं की DPR अंतिम चरण में

नई दिल्ली में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में पलामू संसदीय क्षेत्र की दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को गति देने पर चर्चा हुई। पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर से मुलाकात कर क्षेत्र की लंबे समय से लंबित फोरलेन सड़क परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी देने की मांग रखी।
बैठक के दौरान सांसद ने राष्ट्रीय राजमार्ग-343 के गढ़वा से रामानुजगंज तक करीब 49 किलोमीटर लंबे हिस्से तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-139 (पूर्व में एनएच-98) के पड़वा मोड़, सीलीदाग और छतरपुर के बीच लगभग 22 किलोमीटर सड़क को शीघ्र फोरलेन में विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन दोनों मार्गों का विस्तार क्षेत्रीय विकास और बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है।
सांसद ने अधिकारियों का ध्यान इस ओर भी दिलाया कि एनएच-139 के हरिहरगंज से सीलीदाग तक का हिस्सा पहले ही चार लेन में परिवर्तित किया जा चुका है, जबकि एनएच-343 के कई अन्य खंडों का भी चौड़ीकरण पूरा हो चुका है। ऐसे में पड़वा मोड़ से सीलीदाग और छतरपुर तक का शेष भाग संकरा होने के कारण पूरे मार्ग की क्षमता प्रभावित हो रही है। इस हिस्से में प्रतिदिन भारी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है, जिससे जाम, यात्रा में देरी और सड़क हादसों की आशंका लगातार बनी रहती है।
बैठक के दौरान मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने सांसद को आश्वस्त किया कि दोनों परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का कार्य अंतिम चरण में है। रिपोर्ट को जल्द अंतिम रूप देकर आवश्यक प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की जाएंगी। इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के माध्यम से इन परियोजनाओं का निर्माण कार्य प्राथमिकता के साथ शुरू कराया जाएगा।
इन दोनों फोरलेन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पलामू, गढ़वा और आसपास के क्षेत्रों में सड़क संपर्क अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम होगा। बेहतर परिवहन व्यवस्था से औद्योगिक गतिविधियों, कृषि, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र के समग्र आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
पलामू से विकाश कश्यप की रिपोर्ट













