राज्यभर में CID की ताबड़तोड़ कार्रवाई, अभय तिवारी सिंडिकेट के ठिकानों पर छापेमारी

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिख रही है। मामले की पड़ताल कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने राज्य के कई जिलों में एक साथ व्यापक कार्रवाई करते हुए रविवार देर रात से सोमवार दोपहर तक 18 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई रांची, हजारीबाग, पलामू, बोकारो और धनबाद समेत विभिन्न जिलों में की गई, जहां जांच का दायरा पूर्व जेपीएससी सदस्य सानंद प्रकाश तथा अभय तिवारी से जुड़े लोगों तक पहुंचा।
छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने बड़ी मात्रा में ऐसे दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य अपने कब्जे में लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए अहम माना जा रहा है। बरामद सामग्री में लैपटॉप, मोबाइल फोन, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंकिंग रिकॉर्ड, पासबुक, चेकबुक, अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र, अंकपत्र और ओएमआर शीट की कार्बन कॉपियां शामिल हैं। वहीं हजारीबाग में अभय तिवारी के करीबी माने जाने वाले दो सगे भाइयों, प्रदीप यादव और लालू यादव, को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।
राजधानी रांची में सीआईडी की टीम ने नामकुम स्थित आदित्य पांडेय के आवास पर जांच की। आदित्य को पहले अभय तिवारी का सहयोगी बताया जाता रहा है। जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि उसकी बहन 14वीं जेपीएससी परीक्षा में सफल रही थी। एजेंसी ने उससे संबंधित ओएमआर रिकॉर्ड मांगा, लेकिन वह उपलब्ध नहीं कराया जा सका। इसके अलावा धुर्वा सेक्टर-2 में एक शिक्षक के आवास पर भी तलाशी ली गई। बोकारो में पूर्व जेपीएससी सदस्य सानंद प्रकाश के सरकारी आवास की भी गहन जांच की गई। वहीं अभय तिवारी के भाई अक्षय से भी ओएमआर शीट मांगी गई, जिसे वह प्रस्तुत नहीं कर सके।
कोचिंग संस्थानों की भूमिका भी जांच के घेरे में
सीआईडी ने जांच का दायरा केवल अभ्यर्थियों और उनके सहयोगियों तक सीमित नहीं रखा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले एक कोचिंग संस्थान में भी छापेमारी की गई। प्रारंभिक जांच में एजेंसी को ऐसे संकेत मिले हैं कि कुछ संस्थानों के माध्यम से अभ्यर्थियों को परीक्षा में सफलता दिलाने का भरोसा देकर बड़ी रकम वसूली जाती थी। इन तथ्यों के आधार पर अब संबंधित कोचिंग संस्थानों की भूमिका की भी विस्तार से जांच की जा रही है।
जांच को मजबूत करने के लिए सीआईडी ने अभय तिवारी से जुड़े सभी भर्ती और चयन संबंधी रिकॉर्ड विभिन्न राज्य एवं केंद्रीय भर्ती एजेंसियों से तलब किए हैं। एजेंसी विशेष रूप से उस अवधि के दस्तावेज जुटा रही है जब वह परीक्षा संचालन एजेंसी टीडीपीएल में मार्केटिंग मैनेजर के रूप में कार्यरत था। आवेदन पत्र, चयन प्रक्रिया, मूल्यांकन रिकॉर्ड और अन्य आधिकारिक अभिलेखों को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि अभय तिवारी ने पिछले वर्षों में कई प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाएं उत्तीर्ण की थीं। इनमें भारतीय नौसेना की लिखित परीक्षा, भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC), एनसीएल, आईआरबी कांस्टेबल भर्ती, दारोगा भर्ती परीक्षा, जेएसएससी की पीजीटी शिक्षक और सीजीएल परीक्षाएं शामिल हैं। इसके अलावा उसने जेपीएससी की एसीएफ, एफआरओ, एफएसओ तथा 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षाएं भी पास की थीं। अब इन सभी परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज और चयन प्रक्रिया की भी सीआईडी बारीकी से जांच कर रही है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।

















