सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एक्शन, झारखंड में जल्द शुरू होगी ओपन जेल व्यवस्था

झारखंड में ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूट (ओपन जेल) की स्थापना को लेकर चल रही न्यायिक प्रक्रिया में बुधवार को झारखंड हाई कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य सरकार ने अदालत के समक्ष योजना की वर्तमान स्थिति और अब तक हुई प्रगति का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने अगली तारीख 10 सितंबर निर्धारित की है।
राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता विभोर मयंक ने कोर्ट में पक्ष रखते हुए बताया कि हजारीबाग में ओपन जेल की स्थापना के लिए 32 एकड़ सरकारी भूमि का चयन कर लिया गया है। परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी आईएएस अधिकारी वंदना डाडेल को सौंपी गई है। साथ ही, योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी के लिए एक हाई पावर कमेटी का भी गठन किया जा चुका है, जिसमें संबंधित अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है।
सरकार ने अदालत को यह भी अवगत कराया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूट की विस्तृत योजना तैयार कर स्वीकृति के लिए भेज दी गई है। स्थायी परिसर के निर्माण में समय लगने की संभावना को देखते हुए अंतरिम व्यवस्था के तहत इस प्रणाली को जल्द शुरू करने की दिशा में भी कार्रवाई की जा रही है।
इसी उद्देश्य से राज्य के चार केंद्रीय कारागारों से रिपोर्ट मांगी गई थी, ताकि यह आकलन किया जा सके कि किन जेलों में अस्थायी रूप से ओपन जेल की व्यवस्था लागू की जा सकती है। सरकार के अनुसार सभी संबंधित केंद्रीय जेलों ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है और इस संबंध में विस्तृत जानकारी शपथपत्र के माध्यम से हाई कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर दी गई है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित ओपन जेल परिसर में महिला बंदियों के लिए अलग और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि उन्हें भी इस सुधारात्मक व्यवस्था का समान लाभ मिल सके। अब इस मामले में अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी, जहां अदालत सरकार द्वारा उठाए गए आगे के कदमों की समीक्षा करेगी।











