22 परीक्षाएं कैंसिल, 6 स्थगित, 17 की जांच… परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सरकार के तीन बड़े फैसले

झारखंड में प्रतियोगी और नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर सामने आई अनियमितताओं के बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सीआईडी जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सरकार ने 22 परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा छह परीक्षाओं की प्रक्रिया को अगले आदेश तक रोक दिया गया है, जबकि 17 अन्य परीक्षाओं में संभावित गड़बड़ी की जांच कराने का फैसला लिया गया है। कार्मिक विभाग ने इन सभी निर्णयों से संबंधित आदेश जारी कर दिया है।
सरकार ने केवल पुरानी परीक्षाओं पर कार्रवाई तक खुद को सीमित नहीं रखा है, बल्कि भविष्य में होने वाली नियुक्ति परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए संस्थागत सुधारों की भी घोषणा की है। इसके तहत जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए आंतरिक सतर्कता प्रकोष्ठ गठित करने, परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए हाई कोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का अनुरोध करने और व्यापक सुधार के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है।
JSSC-CGL समेत कई अहम परीक्षाएं रद्द
सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत आयोजित झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (JSSC-CGL) को निरस्त कर दिया गया है। यह निर्णय एसआईटी और सीआईडी की जांच में सामने आए तथ्यों को आधार बनाकर लिया गया है।
इसके साथ ही झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 2023 और 2025 की नियमित एवं बैकलॉग परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं। पूर्व में आयोजित 5वीं संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा के 2013, 2016 और 2021 संस्करणों को भी निरस्त करने का फैसला किया गया है।
न्यायिक सेवा से जुड़ी सिविल जज जूनियर डिवीजन परीक्षा 2015, 2018 और 2023 भी सरकार के इस फैसले की जद में आई हैं। इसके अलावा 6वीं सीमित उप समाहर्ता परीक्षा तथा चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर परीक्षा 2023 को भी रद्द किया गया है।
परीक्षाओं को रद्द करने का असर उच्च शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र की नियुक्ति प्रक्रियाओं पर भी पड़ा है। राज्य के विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति से संबंधित परीक्षा को निरस्त किया गया है।
इसी तरह सरकारी इंजीनियरिंग एवं मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों में लेक्चरर की नियुक्ति से संबंधित परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं। झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट (JET) 2024 को भी निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। सरकार की कार्रवाई में असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, असिस्टेंट पब्लिक प्रोसिक्यूटर, ड्रग इंस्पेक्टर और फूड सेफ्टी ऑफिसर जैसी विभिन्न पदों से जुड़ी परीक्षाएं भी शामिल हैं।
छह परीक्षाओं पर फिलहाल रोक
सरकार ने कुछ परीक्षाओं को पूरी तरह रद्द करने के बजाय उनकी प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया है। इन परीक्षाओं की शुरुआती प्रक्रिया टीडीपीएल को छोड़कर दूसरी एजेंसियों के माध्यम से कराई गई थी। संबंधित एजेंसियों की भूमिका और विश्वसनीयता को लेकर अब सीआईडी जांच करेगी।
स्थगित की गई प्रक्रियाओं में फूड एनालिस्ट, प्रोजेक्ट मैनेजर, डिप्टी डायरेक्टर प्रॉसिक्यूशन, डायरेक्टर/इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज और बॉयलर इंस्पेक्टर से संबंधित परीक्षाएं शामिल हैं।
17 परीक्षाओं की जांच
सरकार ने 17 अन्य परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की पड़ताल कराने का भी आदेश दिया है। इन परीक्षाओं को लेकर जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस कदम के जरिए सरकार ने यह संकेत दिया है कि केवल उन्हीं परीक्षाओं पर कार्रवाई नहीं होगी जिनमें अनियमितता स्पष्ट रूप से सामने आ चुकी है, बल्कि संदेह के दायरे में आने वाली प्रक्रियाओं की भी जांच की जाएगी।
JPSC-JSSC की परीक्षा व्यवस्था में होंगे बड़े बदलाव
लगातार सामने आ रही शिकायतों और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद सरकार ने जेपीएससी और जेएसएससी की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए तीन प्रमुख निर्णय लिए हैं।
1. मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट
परीक्षा में कथित धांधली और अनियमितताओं से संबंधित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए राज्य सरकार झारखंड हाई कोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध करेगी। सरकार का मानना है कि ऐसे मामलों का जल्द निपटारा होने से जांच और न्यायिक प्रक्रिया को गति मिलेगी।
2. दोनों आयोगों में बनेगा आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ
जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षा प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखने के लिए इंटरनल विजिलेंस सेल बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य परीक्षा संचालन में संभावित खामियों की पहचान करना और अनियमितताओं को शुरुआती स्तर पर रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना है।
3. अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति
दोनों आयोगों की परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। इसमें राज्य के प्रतिष्ठित शैक्षणिक एवं संस्थागत संगठनों के निदेशकों को भी सदस्य बनाया जाएगा। समिति जेपीएससी और जेएसएससी की मौजूदा परीक्षा प्रणाली, चयन प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था का विस्तृत अध्ययन करेगी। इसके बाद सुधारों को लेकर अपनी सिफारिशें सरकार को देगी। समिति को दो महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
कार्मिक विभाग के सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो के हस्ताक्षर से जारी आदेश में इन सभी फैसलों की जानकारी दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, कदाचार या अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सरकार के इन फैसलों से जहां कई परीक्षाओं में शामिल अभ्यर्थियों की आगे की प्रक्रिया प्रभावित होगी, वहीं परीक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में नई निगरानी और संस्थागत व्यवस्था लागू किए जाने का रास्ता भी खुला है। अब निगाहें सीआईडी जांच, प्रस्तावित समिति की रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर रहेंगी।












