महादेव के दरबार में नहीं चलेगा रसूख! बाबा बैद्यनाथ धाम में VIP दर्शन पूरी तरह बंद

श्रावण माह के शुभारंभ के साथ ही झारखंड के देवघर स्थित विश्वप्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई है। देश-विदेश से लाखों शिवभक्त जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने इस वर्ष भी मंदिर में अर्घा प्रणाली लागू की है, ताकि जलार्पण की प्रक्रिया व्यवस्थित और सुचारू रूप से संचालित हो सके।
इसी बीच झारखंड सरकार ने श्रावणी मेले को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मेले की पूरी अवधि में किसी भी व्यक्ति के लिए VIP या विशेष अनुशंसा के आधार पर दर्शन की अनुमति नहीं होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा या अतिरिक्त प्रतीक्षा का सामना न करना पड़े।
इस संबंध में राज्य के कैबिनेट सचिवालय एवं निगरानी विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने आधिकारिक निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि बाबा बैद्यनाथ धाम, जो देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है, श्रावण मास में लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवघर में दर्शन के बाद दुमका स्थित बाबा बासुकीनाथ मंदिर भी जाते हैं। ऐसे में भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विशेष दर्शन की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त रखने का निर्णय लिया गया है।
सरकार ने सभी संबंधित विभागों, संस्थानों और अधिकारियों से भी अपील की है कि वे बाबा बैद्यनाथ मंदिर, देवघर तथा बाबा बासुकीनाथ मंदिर, दुमका में VIP या आउट ऑफ टर्न दर्शन के लिए किसी प्रकार की सिफारिश अथवा अनुरोध राज्य सरकार या जिला प्रशासन को न भेजें।
इस निर्णय की जानकारी देशभर के प्रमुख संवैधानिक और प्रशासनिक संस्थानों तक भी पहुंचाई गई है। इसके तहत भारत सरकार के कैबिनेट सचिव, सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और प्रशासकों, सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल तथा सभी उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरल को पत्र भेजा गया है। सरकार का उद्देश्य श्रावणी मेले के दौरान विशेष अनुशंसाओं पर पूरी तरह रोक लगाकर सभी श्रद्धालुओं के लिए समान और निर्बाध दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करना है।











