JPSC घोटाले की जांच में बड़ा अपडेट! पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांग्ते से फिर होगी पूछताछ

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही सीआईडी ने मामले की पड़ताल और तेज कर दी है। इसी कड़ी में आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से लगातार दूसरे दिन विस्तृत पूछताछ की गई। बुधवार को वह सुबह करीब 11 बजे सीआईडी मुख्यालय पहुंचे, जहां जांच अधिकारियों ने लगभग आठ घंटे तक विभिन्न पहलुओं पर उनसे सवाल किए। जांच एजेंसी ने उन्हें आगे की पूछताछ के लिए 31 जुलाई को दोबारा उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
जांच के दौरान सीआईडी ने एल. ख्यांग्ते और तत्कालीन परीक्षा उपनियंत्रक श्वेता गुप्ता को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की। अधिकारियों ने दोनों से एक ही घटनाक्रम से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जवाब लिए, ताकि उनके बयानों की आपसी पुष्टि की जा सके। सूत्रों के मुताबिक इस प्रक्रिया में ऐसे कई तथ्य सामने आए हैं, जिनकी अब दस्तावेजों और अन्य आरोपियों के बयानों से पुष्टि की जा रही है।
उधर, इस मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद अदालत ने सीआईडी के अनुरोध पर उसे दो दिन के लिए और बढ़ा दिया। अतिरिक्त रिमांड मिलने के बाद जांच एजेंसी ने श्वेता गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, कथित मास्टरमाइंड और सफल अभ्यर्थी अभय तिवारी, टीडीपीएल के कर्मचारी मो. उस्मान, मो. एबाद, प्रदीप कुमार सिंह, हेमंत वर्मा और संजय कुमार से भी विस्तार से पूछताछ की।
सीआईडी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान ऐसे संकेत और साक्ष्य सामने आए हैं, जो पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांग्ते की संभावित भूमिका की ओर इशारा करते हैं। एजेंसी अब विभिन्न आरोपियों के बयानों, आमने-सामने की पूछताछ से प्राप्त जानकारी और उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों का मिलान कर रही है। इन तथ्यों के विश्लेषण के बाद एल. ख्यांग्ते से अगले चरण की पूछताछ में नए सवाल पूछे जाएंगे और जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।











