पीएमसीएमएच में परियोजना का स्वास्थ्य सचिव ने किया स्थल निरीक्षण, दिए अहम निर्देश

पटना: पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) को आधुनिक, अत्याधुनिक एवं विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से लैस करने के उद्देश्य से बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने विशेष सचिव अरविन्द वर्मा तथा BMSICL के प्रबंध निदेशक सुब्रत सेन के साथ पीएमसीएमएच परिसर का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने निर्माणाधीन भवनों, विभिन्न सुविधाओं एवं चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सचिव एवं अधिकारियों ने अस्पताल में विकसित किए जा रहे नए ओपीडी, पंजीकरण काउंटर तथा दवा वितरण केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली तथा निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों ने निर्माण एजेंसी L&T एवं BMSICL के प्रतिनिधियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के उपरांत अस्पताल परिसर में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। L&T एवं BMSICL के प्रतिनिधियों ने परियोजना के विभिन्न कार्यों की प्रगति से अधिकारियों को अवगत कराया। स्वास्थ्य सचिव ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता, सुरक्षा एवं समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। स्वास्थ्य सचिव ने पीएमसीएमएच के सभी विभागाध्यक्षों , चिकित्सकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए कहा कि पीएमसीएमएच राज्य का सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान है। इसकी प्रतिष्ठा एवं गरिमा के अनुरूप मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा, सुविधाजनक व्यवस्था एवं संवेदनशील व्यवहार उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने अस्पताल में चिकित्सा एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने, मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देने तथा विभिन्न सेवाओं के संचालन में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के दौरान विशेष सचिव सह आयुष्मान भारत योजना के प्रभारी अरविन्द वर्मा ने चिकित्सकों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत अधिक से अधिक पात्र एवं जरूरतमंद मरीजों को योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इमरजेंसी केश में भी आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आने वाले मरीजों के उपचार में किसी भी परिस्थिति में बाधा नहीं आने देने के निर्देश दिए गए हैं। दवा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अमृत फार्मा के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा गया है। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य मरीजों को गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि योजना के सुचारू एवं प्रभावी संचालन के लिए अस्पताल में जल्द ही दक्ष ‘आयुष्मान मित्रों’ की तैनाती की जाएगी।
साथ ही चिकित्सकों एवं संबंधित कर्मियों को योजना की प्रक्रिया, प्रावधानों एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी देने के लिए विशेष कार्यशालाओं (Workshops) का आयोजन भी किया जाएगा।अधिकारियों ने कहा कि अस्पताल के पुनर्विकास की परियोजना के पूर्ण होने से पीएमसीएमएच में चिकित्सा सेवाओं की क्षमता और सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा तथा मरीजों को एक ही परिसर में बेहतर एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। समीक्षा बैठक में सचिव कुमार रवि द्वारा चिकित्सकीय सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। सभी चिकित्सकों को राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मानकों के अनुरूप अस्पताल में प्रतिदिन प्रातः 9:00 बजे से अपराह्न 5:00 बजे तक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
इमरजेंसी सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए निर्देश दिया गया है कि जिन यूनिटों में इमरजेंसी वार्ड संचालित हैं, वहां तैनात चिकित्सक प्रतिदिन कम से कम दो बार मरीजों का अनिवार्य रूप से राउंड कर उनकी स्थिति की जांच करेंगे।पीएमसीएच में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अधीक्षक से चर्चा कर सभी रिक्त पदों की अधियाचना शीघ्र विभाग को भेजने का निर्देश दिया गया है, जिससे डॉक्टरों की कमी को जल्द दूर किया जा सके।










