भोरे छात्राओं के भूखे पेट को छात्रावास में मिल रही जली रोटी, तस्वीरें वायरल, शिक्षा मंत्री ने दिए जांच के आदेश
गोपालगंज: भोर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में रह रही छात्राओं को जानवरों से भी बदतर खाना परोसने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. छात्रावास में छात्राओं की थाली में जली हुई रोटियां और गुणवत्ताहीन भोजन देने की तस्वीरें वायरल हो रही है.

गोपालगंज: भोर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में रह रही छात्राओं को जानवरों से भी बदतर खाना परोसने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. छात्रावास में छात्राओं की थाली में जली हुई रोटियां और गुणवत्ताहीन भोजन देने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. इस खुलासे के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है.
वार्डन के रसूख के आगे चुप रहने को मजबूर छात्राएं
मामला भोर मिडिल स्कूल परिसर में स्थित कस्तूरबा गांधी छात्रावास का है, जहां कक्षा 6 से 8 तक की छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं। आरोप है कि पिछले 15 सालों से एक ही जगह पर जमीं वार्डन संध्या कुमारी की दबंगई और कड़े रवैये के कारण छात्राएं डर के मारे मुंह खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाती हैं. इतना ही नहीं, ड्रेस कोड वितरण और दैनिक सुविधाओं में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई हैं.
आम लोगों और मीडिया के प्रवेश पर पाबंदी का फायदा
प्रतिबंधित छात्रावास परिसर होने का फायदा उठाकर प्रशासनिक कमियों को दबाने का खेल लंबे समय से चल रहा है. सुरक्षा और नियमों का हवाला देकर आम लोगों व मीडियाकर्मियों के प्रवेश पर रोक रखी जाती है, जिससे अंदर चल रही अनियमितताएं बाहर नहीं आ पातीं. अधिकारियों की अनदेखी और वार्डन के तथाकथित रसूख के चलते अब तक कोई इस व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नहीं दिखा सका.
शिक्षा मंत्री का सख्त रुख: होगी कड़ी कार्रवाई
इस मामले पर संज्ञान लेते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कड़ा रुख अपनाया ह. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "छात्राओं के भविष्य और स्वास्थ्य के साथ किसी भी कीमत पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए गए हैं।.सिस्टम से जुड़े जो भी लोग इस लापरवाही में शामिल पाए जाएंगे, उन पर कठोर कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.
शिक्षा मंत्री के कड़े निर्देश के बाद अब जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है. स्थानीय लोगों और अभिभावकों की नजर अब जांच की प्रक्रिया और जिम्मेदार कर्मियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।
गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट










