अगले माह आयोजित होगा देश के बड़े पुस्तक मेलों में से एक पटना पुस्तक मेला
पिछले 42 वर्षों से सेंटर फॉर रीडरशिप डेवलपमेंट (सीआरडी) द्वारा आयोजित पटना पुस्तक मेला का आयोजन आगामी 4-15 दिसम्बर, 2026 गाँधी मैदान में होगा।

पटना: पिछले 42 वर्षों से सेंटर फॉर रीडरशिप डेवलपमेंट (सीआरडी) द्वारा आयोजित पटना पुस्तक मेला का आयोजन आगामी 4-15 दिसम्बर, 2026 गाँधी मैदान में होगा। यह भारत के तीन सबसे बड़े पुस्तक मेलों में से एक साहित्यिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक उत्सव है। इस बार इस पुस्तक मेले की थीम, जॉय ऑफ़ रीडिंग, बियोंड बुक्स है। इस बार बिहार गीत के रचयेता, लोककवि सत्यनारायण को पटना पुस्तक मेला समर्पित होगा। यह जानकारी सीआरडी पटना पुस्तक मेला के अध्यक्ष एवं चर्चित साहित्यकार रत्नेश्वर ने दी।
उन्होंने बताया कि पटना पुस्तक मेला में इस बार साढ़े तीन सौ से भी अधिक नए कार्यक्रम प्रस्तुत किये जाएंगे। चिट्ठियाँ, शब्दांकुर, काव्यकथा, यूथ पोडियम, हुनर, कवि सम्मलेन, ज्ञान-रोजगार, युवा स्वर, स्वास्थ्य-संवाद, नयी किताब, सिनेमा-उनेमा, कला दीर्घा, जनसंवाद, कथा पाटलिपुत्र, नुक्कड़ के रंग, कोचिंग मास्टर, स्कूल उत्सव, स्वाद विहार, बिहार संवादी आदि प्रमुख कार्यक्रम होंगे। इस बार युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम रखा गया है. “चिट्ठियाँ”, इसमें पढ़ी जाएँगी कुछ चिट्ठियाँ, जो लिखी गईं, पढ़ी गयीं पर भूली न जा सकीं। डॉ. विमलेन्दु कुछ मशहूर चिट्ठियाँ और शहर के नौजवान, युवतियाँ पढ़ेंगे वो चिट्ठियाँ पढ़ेंगे, जिनका असर उनपर हुआ, या वो चिट्ठियाँ जो उन्होंने लिखीं लेकिन किसी पते पर भेज नहीं पाये। डॉ. वरुण के संयोजन में यूथ पोडियम कार्यक्रम होगा।
इस बार उत्कर्ष आनंद के संयोजन में युवाओं को ध्यान में रखकर ‘शब्दांकुर’ कार्यक्रम रखा गया है। इसके अंतर्गत युवा अपनी कविता, कहानी, व्यंग्य रचनाएँ सुनाएँगे। इनमें से चुने हुए रचनाकार को शब्दांकुर पुरस्कार दिया जाएगा। इस चुनाव प्रक्रिया में तीन जज होंगे और साथ ही ऑडिएंस पोल भी होगा। आशीष कुमार के संयोजन में इस बार ‘स्वाद विहार’ का एक विशेष आयोजन होने जा रहा है। इसमें बिहार के विविध व्यंजन तो होंगे ही, देश के कुछ चुनिन्दा व्यंजन परोसे जाएँगे। इसमें एक फूड लाउंज भी होगा, जहाँ पुस्तक प्रेमी बैठकर चाय पीते हुए किताब पढ़ने का लुफ्त भी उठाएँगे।
स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए हुनर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. अंजनी धर के संयोजन में प्रत्येक दिन विविध प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी. इन प्रतियोगिताओं में कहानीकार, माइम शो, वेस्ट क्राफ्ट, सेल्फी चैलेंज, कलर लस्ट, ब्रेन ड्रेन, जैम गेम आदि प्रमुख हैं। इसमें 70 से भी अधिक स्कूलों के लगभग पांच हजार बच्चों के भाग लेने की संभावना है।
सिनेमा-उनेमा फिल्म फेस्टिवल के लिए एक सिनेमा हॉल निर्मित किया जाएगा। कुमार रविकांत के संयोजन में प्रत्येक दिन फीचर फिल्म, शार्ट फिल्म और वृतचित्र दिखाया जाएगा। प्रत्येक दिन फिल्म के विविध विषयों पर संवाद होगा। जिसमें देश भर के सिने कलाकार और विशेषज्ञ भाग लेंगे। आमजन उनसे सीधा संवाद कर सकेंगे। सिनेमा से जुड़े प्रमुख लोगों को सम्मानित भी किया जाएगा। विविध क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्ति को प्रथम दर्शक के रूप में आमंत्रित किया जाएगा।
इस बार पुनः डॉक्टर विकास शंकर के संयोजन में देश के प्रमुख डॉक्टर हिस्सा लेंगे. इसमें विशेषज्ञ डॉक्टर का श्रोताओं से सीधा संवाद होगा। पटना पुस्तक मेला में भव्य कवि सम्मलेन का आयोजन होगा. इसमें चंदन द्विवेदी, रजत आदि भाग लेंगे. एक भव्य कला दीर्घा का निर्माण होगा। मुकेश कुमार के संयोजन में कला प्रदर्शनी होगी। प्रत्येक दिन कला विषयों पर विमर्श-गोष्ठी भी आयोजित की जाएगी. प्रत्येक दिन कुछ विशिष्ट कलाकारों को सम्मानित भी किया जाएगा। ‘नुक्कड़ के रंग’ के नुक्कड़ नाटक में पटना के प्रमुख कॉलेज के विद्यार्थी नाटक प्रस्तुत करेंगे. रंगमंच और कला से जुड़े विशिष्ट कलाकार को सम्मानित किया जाएगा।
इसके अलावा प्रत्येक दिन ‘काव्यकथा’ कार्यक्रम होगा, जयप्रकाश के संयोजन में प्रतिदिन देश के चर्चित कवि और कथाकार अपनी कविता या कहानी सुनाएँगे। सरिता मिश्रा के संयोजन में प्रत्येक दिन ‘स्कूल उत्सव’ कार्यक्रम होगा। इसके अंतर्गत पटना के अनेक प्रमुख स्कूल के बच्चे गीत-संगीत-नृत्य कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। प्रशांत रंजन के संयोजन में पुस्तक मेला का सर्वाधिक लोकप्रिय कार्यक्रम ‘जनसंवाद होगा। इसमें विविध विषयों के नामचीन विद्वान् शामिल होंगे। रेखा भारती मिश्रा के संयोजन में ‘कोचिंग मास्टर’ और ‘ज्ञान रोजगार’ कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। इसमें राष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थान और कोचिंग संस्थान शामिल होंगे।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि देश के चर्चित पत्रकार हर्ष वर्धन त्रिपाठी, चर्चित पत्रकार लेखक अनंत विजय, कथाकार पूनम सिंह, डॉ विनय कुमार, किरण घई, चर्चित समीक्षक जय प्रकाश पांडेय, डॉ अरुण भगत, अजीत आजाद, शिवेंद्र मौर्य, कवि मदन कश्यप, पत्रकार निवेदिता झा, महिमा सिंह, डॉ अशोक कुमार ज्योति, भगवती प्रसाद द्विवेदी, संजय, संजीव सिन्हा, संजय कुंदन, पंकज चौधरी, वैशाली सेता, अरुण नारायण, असफर, बिम्मी सिंह, संजीव मुकेश, सहित अनेक लेखक-पत्रकार शामिल होंगे।
साथ ही चर्चित कवि सर्वश्री अनिल विभाकर, चंदन सिंह, विनय सौरव, सर्वेश तिवारी, मुसाफिर बैठा, कुमार मुकुल, अरविन्द श्रीवास्तव, राजेश कमल, निखिल आनंद, नताशा, अंचित, उपांशु, बालमुकुन्द, गणेश चौधरी, मैत्री शरण, शहंशाह आलम, राजकिशोर राजन, राकेश रंजन, ज्योति स्पर्श, वीणा अमृत, चन्द्रबिन्द, समीर परिमल, गुंजन, संजय कुमार कुंदन, अरविन्द पासवान, खुर्शीद अकबर, खुर्शीद आलम, प्रेम किरण, नशीम अख्तर, नीलांशु रंजन, श्वेता गजल, आराधना प्रसाद, मुनीब मुजफ्फरपुरी, कुमार पंकजेश, शाहिद अख्तर, अमलेंदु अस्थाना, अरुण शीतांश, सुमिता कुमारी, नरेन्द्र कुमार, प्रत्युष मिश्रा, मुकेश प्रत्युष, रमेश ऋतंभर, अरविन्द कुमार सिंह, अखौरी, ज्योति रीता, कृष्ण समिद्ध, प्रशांत विपल्ल्वी, रविकांत चंदन आदि शामिल होंगे। कथाकारों में पूनम सिंह, भावना शेखर, प्रभात प्रणीत, रीता सिंह, कमलेश, नीलिमा सिंह, उषा ओझा, ध्रुव कुमार, किरण सिंह आदि शामिल होंगी।
इस बार सीआरडी पटना पुस्तक मेला में 200 स्टॉल होंगे. इनमें प्रभात प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, ज्ञानपीठ, उपकार प्रकाशन, हिन्द युग्म, प्रकाशन संस्थान, दिनकर पुस्तकालय, सम्यक प्रकाशन, ओसवाल बुक्स एंड लर्निंग, ओसवाल प्रिंटर्स, एन.सी.पी.यू.एल., रेखता फाउंनडेशन, इमारते शरिया, साहित्य अकादमी, एडुटेरिया, इनविनसिवल, एमटीजी बुक्स आदि प्रकाशक भाग लेंगे।











