चार नए अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय तैयार, 17 अगस्त से शुरू होंगी कक्षाएं: मंत्री
राज्य के चार नए अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में इसी शैक्षणिक सत्र से पढ़ाई शुरू हो जाएगी। जमुई, नालंदा, कैमूर और मुजफ्फरपुर में विद्यालय भवनों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

राज्य के चार नए अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में इसी शैक्षणिक सत्र से पढ़ाई शुरू हो जाएगी। जमुई, नालंदा, कैमूर और मुजफ्फरपुर में विद्यालय भवनों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इन विद्यालयों में 17 अगस्त से शैक्षणिक गतिविधियां प्रारंभ कर दी जाएंगी। यह जानकारी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री मो. जमा खान ने शुक्रवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संवाद कक्ष में आयोजित विभागीय प्रेस वार्ता में दी।
मंत्री ने बताया कि विभाग ने राज्य के प्रत्येक जिले में एक अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में दरभंगा, किशनगंज, पूर्णिया, मधुबनी, गया, जमुई, नालंदा, कैमूर, कटिहार, बेगूसराय, पश्चिम चंपारण (बेतिया), सुपौल, मुजफ्फरपुर, मधेपुरा, पटना, सहरसा, मुंगेर, सीवान, पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), भागलपुर, अररिया, गोपालगंज, रोहतास एवं बक्सर सहित 24 जिलों में विद्यालय निर्माण की स्वीकृति दी जा चुकी है।
इनमें दरभंगा और किशनगंज में स्थित विद्यालय पहले से संचालित हैं, जबकि जमुई, नालंदा, कैमूर और मुजफ्फरपुर में निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद 17 अगस्त से पढ़ाई शुरू की जाएगी। जमुई और कैमूर में प्रारंभिक चरण में क्रमश नालंदा एवं कैमूर कैंपस के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियां संचालित होंगी। इन विद्यालयों में शीघ्र ही ऑनलाइन कक्षाओं के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
मंत्री ने बताया कि अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए टीआरई-4 के माध्यम से 288 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) को अधियाचना भेज दी गई है। वर्तमान में 13 अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों के संचालन के लिए 481 शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पद स्वीकृत हैं। इसके अलावा 71वीं बीपीएससी परीक्षा के माध्यम से एक जिला कल्याण पदाधिकारी तथा 459 प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारियों की नियुक्ति के लिए भी आयोग को अधियाचना भेजी गई है।
मंत्री ने कहा कि विभाग का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना है। इसी दिशा में मदरसों के विद्यार्थियों को कौशल विकास कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा, ताकि वे विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। यह कार्यक्रम भारत सरकार के उपक्रम नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएसआईसी) के सहयोग से संचालित किया जाएगा।
राज्य कोचिंग योजना के तहत अभ्यर्थियों को बीपीएससी, जेईई, नीट एवं सिपाही भर्ती परीक्षा की तैयारी कराई जा रही है। इस वर्ष योजना के तहत प्रशिक्षित 20 अभ्यर्थियों ने जेईई तथा 38 अभ्यर्थियों ने नीट परीक्षा में सफलता हासिल की है। वहीं आवासीय विद्यालयों के मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट के 90 प्रतिशत विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी से परीक्षा उत्तीर्ण की है। किशनगंज अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय के पांच विद्यार्थियों ने जिला टॉपरों में स्थान बनाकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।
उन्होंने यह भी बताया कि हज यात्रियों की सुविधा के लिए बिहार राज्य हज समिति का गठन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2,526 हज यात्रियों ने यात्रा की, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अब तक 3,637 हज यात्रियों ने आवेदन किया है। जबकि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,247 लाभुकों को 100 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया। वहीं योजना के तहत अब तक कुल 3,741 लाभुकों को 270 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है। इस मौके पर विभाग के सचिव मो. सोहेल, विशेष सचिव डॉ. आमिर आफाक अहमद फैजी, अवर सचिव इबरार अहमद खान समेत अन्य विभागीय पदाधिकारी मौजूद थे।





















