राशन की बोरी लेकर खुद पहुंचीं बुजुर्ग के घर, अब धान रोपने खेत में उतर गई DM वर्षा सिंह
वैशाली डीएम वर्षा सिंह धान की रोपनी करने खुद खेत में उतर गईं। इस दौरान उन्होंने धान रोपनी कर रहीं महिलाओं के साथ मिलकर धान का बिचड़ा रोपने लगीं। एक बार तो डीएम खुद राशन की बोरी लेकर बुजुर्ग के घर पहुंच गई थी।

बिहार के वैशाली की जिला पदाधिकारी (DM) वर्षा सिंह अपने कामों को लेकर चर्चा में रहती हैं। इस बीच डीएम वर्षा सिंह की एक अनूठी और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। वैशाली डीएम वर्षा सिंह धान की रोपनी करने खुद खेत में उतर गईं। इस दौरान उन्होंने धान रोपनी कर रहीं महिलाओं के साथ मिलकर धान का बिचड़ा रोपने लगीं। उनकी तस्वीरें काफी वायरल हो रही हैं। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक और टिकाऊ कृषि तरीकों से खेती करने का आह्वान भी किया। इससे पहले अपने कई कामों की वजह से वर्षा सिंह चर्चा में रही हैं। एक बार तो डीएम खुद राशन की बोरी लेकर बुजुर्ग के घर पहुंच गई थी।
दरअसल डीएम वर्षा सिंह वैशाली जिले के बिदुपुर प्रखंड के शहदुल्लापुर धोबौली पंचायत के खजवत्ता गांव स्थित किसान उमेश राय के प्राकृतिक खेती (बीआरसी) मॉडल देखने खेत पहुचीं थीं। इस दौरान उन्होंने स्वयं खेत में उतरकर श्रीविधि (SRI) पद्धति से धान की रोपनी की तथा कृषि कार्यों का निरीक्षण किया। वर्षा सिंह खजवत्ता गांव पहुंचीं और खुद खेत में उतरकर धान का बिचड़ा रोपने लगीं। उनके साथ मौजूद जूनियर अफसरों ने भी खेत में उतरकर रोपाई का प्रैक्टिस किया।
वहीं बिहार के हाजीपुर में 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर-घर राशन पहुंचाई जा रही है। जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने इस योजना का शुभारंभ किया और खुद बुजुर्गों के घर जाकर अनाज सौंपा। जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने इस अनूठी और जनकल्याणकारी योजना का विधिवत शुभारंभ हाजीपुर सदर प्रखंड की इस्माइलपुर पंचायत के हरौली गांव से किया था। यानि अब 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को राशन लेने के लिए जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकानों के चक्कर नहीं काटने होंगे। जिला प्रशासन अब सीधे उनके घर तक मुफ्त अनाज पहुंचाएगा।
वैशाली DM) वर्षा सिंह स्वयं ग्राउंड जीरो पर उतरीं और हरौली गांव के 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग लाभुकों के दरवाजे तक पहुंचीं। डीएम ने स्वयं कई पात्र बुजुर्गों को उनके हिस्से का खाद्यान्न अपने हाथों से उपलब्ध कराया, जिसे पाकर बुजुर्गों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
बता दें कि 2016 बैच की आईएएस वर्षा सिंह अपनी कार्यकुशलता, भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और मुजफ्फरपुर बाढ़ के दौरान किए गए मानवीय कार्यों के लिए जानी जाती हैं। 2017 की विनाशकारी बाढ़ के समय उन्होंने महिलाओं और किशोरियों के लिए मुफ्त सेनेटरी नैपकिन वितरण का सराहनीय अभियान चलाया। भोजन और शिक्षा के प्रबंधों में उनके मानवीय दृष्टिकोण की पूरे राज्य में प्रशंसा हुई थी।
वहीं सामाजिक कार्यों के प्रति उनका लगाव बचपन से ही रहा है। वर्षा सिंह स्वयं गरीब बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ उन्हें शैक्षिक सामग्री भी उपलब्ध कराती रही हैं। बिपार्ड (BIPARD) में प्रशिक्षु अधिकारियों को पढ़ाने का अनुभव रखने वाली वर्षा सिंह को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए कई पदक और पुरस्कार मिल चुके हैं।













