बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था को लेकर विभाग सक्रिय
बिहार में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित पेयजल एवं आवश्यक स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर राहत एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

पटना : बिहार में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित पेयजल एवं आवश्यक स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर राहत एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित जिलों के राहत शिविरों एवं प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए 525 चापाकल तथा 133 टैंकर लगाए गए हैं। इन माध्यमों से प्रभावित परिवारों एवं राहत शिविरों में नियमित रूप से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की कमी न हो व लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होता रहे - विभाग
आपको बता दें कि पेयजल की अतिरिक्त व्यवस्था के तहत तीन वाटर एटीएम एवं राहत शिविरों में चार जलापूर्ति योजनाओं के माध्यम से भी लोगों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की कमी न हो और लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होता रहे। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए स्वच्छता संबंधी सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत विभिन्न राहत शिविरों एवं प्रभावित क्षेत्रों में 1,662 शौचालय और 153 स्नानागार की व्यवस्था की गई है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कुल 147 राहत शिविरों में पेयजल एवं स्वच्छता सहित आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है
दरअसल, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कुल 147 राहत शिविरों में पेयजल एवं स्वच्छता सहित आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग का प्रयास है कि बाढ़ की चुनौती के बीच प्रभावित लोगों को सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें और किसी भी स्तर पर पेयजल एवं स्वच्छता को लेकर कठिनाई न हो।










