बैंक को लेकर पंचायती राज विभाग का बयान निराधार एवं भ्रामक : अमोद कुमार निराला
बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ के अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय एवं पंच-सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमोद कुमार निराला ने संयुक्त बयान जारी कर पंचायती राज विभाग द्वारा बैंक के संबंध में जारी किए गए बयान को निराधार बताया है।

पटना: बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ के अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय एवं पंच-सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमोद कुमार निराला ने संयुक्त बयान जारी कर पंचायती राज विभाग द्वारा बैंक के संबंध में जारी किए गए बयान को निराधार एवं पूर्वाग्रह से ग्रसित भ्रामक झूठ का पुलिंदा बताया है।
दोनों नेताओं ने कहा कि 14वें एवं 15वें वित्त आयोग के दौरान विभिन्न बैंकों में खाते संचालित किए गए उस समय परेशानी नहीं हुई तो अब क्यों परेशानी है? जब अन्य बैंकों के माध्यम से पंचायतों का काम सुचारु रूप से चलता रहा, तो 16वें वित्त आयोग की राशि के लिए केवल भारतीय स्टेट बैंक को अनिवार्य करने का औचित्य क्या है? आगामी पांच वर्षों में लगभग ₹52 हजार करोड़ की राशि एक ही बैंक में रखने का निर्णय पंचायतों के हित में कैसे उचित है?
इन्होंने कहा कि भारत सरकार की ऑपरेशनल गाइडलाइन, बैंक चयन के माप दंड, सभी बैंकों के मूल्यांकन अंक एवं चयन प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेज विभाग को सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि पंचायतों के नजदीक अन्य सार्वजनिक बैंकों की शाखाएं उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें खाता खोलने एवं संचालन की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है?
कई पंचायतों से SBI की शाखाएं 20 से 25 किलोमीटर दूर हैं। ऐसी स्थिति में पंचायत प्रतिनिधियों एवं कर्मियों को अनावश्यक परेशानी होगी। एसबीआई चयन मापदंड में अन्य बैंकों से पिछड़ गया था फिर उसका चयन क्यों ?पंचायतों को अपनी सुविधा के अनुसार बैंक चुनने का विकल्प मिलना चाहिए।
दोनों प्रदेश अध्यक्षों ने स्पष्ट किया कि विभाग बयान जारी कर वास्तविक सवालों से बच नहीं सकता। बैंक चयन की प्रक्रिया में पारदर्शिता और पंचायतों की वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित करना विभाग सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि ग्रामसभा की स्वतंत्रता, ग्राम कचहरी को सर्वसुविधा संपन्न बनाने, छठे राज्य वित्त आयोग की राशि जारी करने तथा अन्य मांगों को लेकर 15 अक्टूबर 2026 को पटना में पंचायती राज मंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा।
नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक सभी पात्र सार्वजनिक बैंकों में खाता खोलने एवं संचालन की अनुमति सहित प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक पंचायत प्रतिनिधियों का आंदोलन चरणवध जारी रहेगा। साथ हीं दोनों नेताओं कहा कि प्रतिनिधि मुख्यमंत्री के हर अभियान को धरातल पर उतारने की हरसंभव कोशिश करेंगे ।













