रानीसराय, बड़की मोहम्मदपुर एवं मिर्दाहाचक के नप बख्तियारपुर में शामिल करने का विरोध
बिहार राज्य पंच सरपंच संघ ने राजधानी के बख्तियारपुर प्रखंड के ग्राम पंचायत करनौती के अंतर्गत रानीसराय, बड़की मोहम्मदपुर एवं मिर्दाहाचक गाँवों को नगर परिषद बख्तियारपुर में शामिल किए जाने को लेकर अपनी आपत्ति जतायी है।

पटना: बिहार राज्य पंच सरपंच संघ ने राजधानी के बख्तियारपुर प्रखंड के ग्राम पंचायत करनौती के अंतर्गत रानीसराय, बड़की मोहम्मदपुर एवं मिर्दाहाचक गाँवों को नगर परिषद बख्तियारपुर में शामिल किए जाने को लेकर अपनी आपत्ति जतायी है। इस संबंध में बुधवार को बख्तियारपुर के ग्राम पंचायत करनौती में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बडी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए संघ के अध्यक्ष अमोद कुमार निराला ने बताया कि इस विशेष बैठक में ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले गाँव रानीसराय, बड़की मोहम्मदपुर एवं मिर्दाहाचक को नगर परिषद बख्तियारपुर में शामिल किए जाने के संबंध में जिला प्रशासन द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में उपस्थित ग्राम सभा के सदस्यों एवं ग्रामीणों ने उक्त प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि इन तीनों गाँवों को नगर परिषद बख्तियारपुर में शामिल करने का प्रस्ताव स्थानीय भौगोलिक स्थिति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि पर निर्भरता तथा नगर निकाय के गठन के निर्धारित मानकों को देखते हुए फिर से पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
ग्राम सभा में इस तथ्य को उठाया गया कि रानीसराय, बड़की मोहम्मदपुर एवं मिर्दाहाचक गाँवों की लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि एवं कृषि से संबंधित गतिविधियों पर निर्भर है, जबकि लगभग 20 प्रतिशत आबादी गैर-कृषि गतिविधियों से जुड़ी हुई है। इस आधार पर ग्रामीणों ने इन गाँवों की आर्थिक एवं सामाजिक संरचना को मुख्यतः ग्रामीण स्वरूप का बताया। बैठक में यह भी चर्चा की गई कि जिला प्रशासन द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में इन तीनों गाँवों को नगर परिषद बख्तियारपुर में शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया है, जबकि ग्राम सभा के सदस्यों के अनुसार आसपास के वास्तविक शहरी स्वरूप वाले क्षेत्रों को समुचित रूप से सम्मिलित करने के बजाय इन ग्रामीण क्षेत्रों को नगर निकाय में शामिल करने का प्रस्ताव किया गया है।
ग्राम सभा के सदस्यों ने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी क्षेत्र को नगर निकाय में शामिल करने का निर्णय लेते समय संबंधित क्षेत्र की जनसंख्या, गैर-कृषि रोजगार, आर्थिक गतिविधियों, भौगोलिक स्थिति, शहरीकरण की वास्तविक स्थिति तथा लागू वैधानिक मानकों का निष्पक्ष मूल्यांकन किया जाना आवश्यक है। ग्रामीणों का मत था कि केवल प्रशासनिक प्रस्ताव के आधार पर कृषि-प्रधान गाँवों को नगर परिषद में शामिल करना उचित नहीं होगा। इससे ग्रामीण आबादी की आजीविका, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था तथा वर्तमान ग्रामीण प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। ग्राम सभा में उपस्थित सदस्यों ने उक्त प्रस्ताव पर अपनी आपत्तियाँ दर्ज कराते हुए जिला प्रशासन से तथ्यों एवं निर्धारित मानकों के आधार पर पुनः समीक्षा करने की माँग की।
इस आयोजन में ग्राम सभा द्वारा विस्तृत विचार-विमर्श करने के बाद बहुमत से प्रस्ताव पारित किया गया। इसके तहत ग्राम पंचायत करनौती के अंतर्गत आने वाले रानीसराय, बड़की मोहम्मदपुर एवं मिर्दाहाचक गाँवों को नगर परिषद बख्तियारपुर में शामिल किए जाने के संबंध में जिला प्रशासन द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर ग्राम सभा की गंभीर आपत्ति, तीनों गाँवों की लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि एवं कृषि आधारित गतिविधियों पर निर्भर है। इसलिए इन गाँवों की ग्रामीण प्रकृति, आजीविका एवं आर्थिक संरचना को ध्यान में रखते हुए नगर निकाय में शामिल किए जाने के प्रस्ताव की निष्पक्ष समीक्षा और तीनों गाँवों को नगर परिषद में शामिल करने के प्रस्ताव पर नगर निकाय के गठन एवं क्षेत्र विस्तार से संबंधित लागू वैधानिक प्रावधानों तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप पुनर्विचार करना शामिल है।
अमोद निराला ने बताया कि ग्राम सभा ने जिला प्रशासन की रिपोर्ट में वर्णित प्रस्ताव के औचित्य पर असहमति व्यक्त की है। नगर निकाय के गठन के लिए निर्धारित मानकों के अंतर्गत संबंधित क्षेत्रों की जनसंख्या, कृषि एवं गैर-कृषि गतिविधियों, आर्थिक स्वरूप, भौगोलिक स्थिति तथा शहरीकरण की वास्तविक स्थिति का समुचित परीक्षण किया जाए। साथ ही, आसपास के शहरी स्वरूप वाले क्षेत्रों को छोड़कर कृषि-प्रधान गाँवों को शामिल करने के औचित्य की भी जाँच की जाए। इन तीनों गाँवों के निवासियों की भावनाओं, स्थानीय परिस्थितियों तथा ग्राम सभा में व्यक्त आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए इन गाँवों को नगर परिषद बख्तियारपुर में शामिल करने के प्रस्ताव को वापस लेने अथवा निरस्त करने हेतु सक्षम प्राधिकारी से अनुरोध किया जाए। ग्राम पंचायत करनौती को ग्रामीण क्षेत्र के रूप में बनाए रखने तथा पंचायत के अंतर्गत आने वाले गाँवों के समुचित ग्रामीण विकास के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँ। ग्राम पंचायत एवं संबंधित गाँवों के विकास के लिए लागू मानकों एवं योजनाओं के अनुरूप कार्य सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा ग्राम सभा द्वारा पारित इस प्रस्ताव की प्रमाणित प्रति जिला पदाधिकारी, पटना; अनुमंडल पदाधिकारी, संबंधित अनुमंडल; प्रखंड विकास पदाधिकारी, बख्तियारपुर; संबंधित नगर निकाय के सक्षम पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजने पर भी सहमति बनी। बैठक में सभी सदस्यों ने इस बात पर सहमति जतायी कि सक्षम प्राधिकारी से अनुरोध किया जाए कि ग्राम सभा की आपत्तियों, स्थानीय जनभावनाओं एवं संबंधित तथ्यों की जाँच कर निर्णय लेने से पूर्व ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों एवं प्रभावित गाँवों के ग्रामीणों को अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया जाए।













