नासा ने भी माना, गंडक नदी में अभूतपूर्व जलस्तर और बिहार में बाढ़ की गंभीरता: डिप्टी सीएम
बिहार में हाल में आई बाढ़ की स्थिति को लेकर उपमुख्यमंत्री- सह - जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने जानकारी दी कि राज्य में गंडक नदी के जलस्तर में हुई अभूतपूर्व वृद्धि और उससे उत्पन्न बाढ़ की गंभीरता को अब नासा ने भी माना है।

पटना: बिहार में हाल में आई बाढ़ की स्थिति को लेकर उपमुख्यमंत्री- सह - जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने जानकारी दी कि राज्य में गंडक नदी के जलस्तर में हुई अभूतपूर्व वृद्धि और उससे उत्पन्न बाढ़ की गंभीरता को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी वैज्ञानिक उपग्रह आंकड़ों के माध्यम से दर्ज किया गया है। NASA Earth Observatory ने दो अक्टूबर 2026 को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट “Rains Swamp the Gandak River” में नेपाल और भारत में गंडक नदी के नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने तथा इसके कारण बड़े क्षेत्र में आई बाढ़ का विस्तृत उल्लेख किया है।
चौधरी ने कहा कि नासा की रिपोर्ट के अनुसार 24 से 27 सितंबर के बीच नेपाल के पर्वतीय लुंबिनी और गंडकी प्रांतों में अत्यधिक बारिश हुई। इस भारी वर्षा के कारण भूस्खलन की घटनाएं हुईं और गंडक नदी, जिसे नेपाल में नारायणी के नाम से भी जाना जाता है, नेपाल तथा भारत के कई हिस्सों में रिकॉर्ड जलस्तर तक पहुंच गई। इसके परिणामस्वरूप नदी की जलधारा से जुड़े क्षेत्रों में पानी का फैलाव बढ़ा और कई स्थानों पर तटबंधों के ऊपर से पानी बहने तथा उनके टूटने की घटनाएं सामने आईं। उन्होंने बताया कि नासा के सैटेलाइट से 20 सितंबर और 29 सितंबर 2026 को प्राप्त तस्वीरों के तुलनात्मक अध्ययन से बाढ़ के विस्तार का स्पष्ट वैज्ञानिक प्रमाण मिलता है। इन तस्वीरों में विभिन्न क्षेत्रों में फैले बाढ़ के पानी तथा नदी के आसपास जलमग्न क्षेत्रों को देखा जा सकता है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि रिपोर्ट में नेपाल के देवघाट में 27 सितंबर को गंडक नदी का जलस्तर 11.94 मीटर तक पहुंचने की जानकारी दी गई है, जो वहां 1960 के दशक में शुरू हुए जलस्तर मापन के बाद सबसे अधिक था। इसी प्रकार भारत में गंडक नदी के किनारे स्थित बगहा, डुमरियाघाट, रेवा घाट और लालगंज जैसे स्थानों पर भी नए उच्चतम जलस्तर दर्ज किए जाने का उल्लेख किया गया है। नासा की यह रिपोर्ट इस बात को रेखांकित करती है कि इस बार गंडक नदी में बाढ़ की स्थिति सामान्य मौसमी परिस्थितियों से अलग और अत्यधिक वर्षा से उत्पन्न असाधारण जलप्रवाह से जुड़ी रही। नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हुई भारी बारिश का प्रभाव बिहार में नदी के जलस्तर और पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण और मुजफ्फरपुर जिलों के कई क्षेत्रों में जलभराव एवं बाढ़ के रूप में दिखाई दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही है तथा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। वैज्ञानिक एवं उपग्रह आधारित आंकड़ों से प्राप्त सूचनाएं बिहार में बाढ़ की असाधारण स्थिति को समझने और उसके विस्तार का आकलन करने हेतु उपयोगी और मददगार हैं।
उनका कहना था कि नासा के Earth Observatory ने 2 अक्टूबर 2026 को “Rains Swamp the Gandak River” शीर्षक से उपग्रह-आधारित रिपोर्ट प्रकाशित की है। इसमें Terra और Aqua उपग्रहों के MODIS चित्र के माध्यम से नेपाल में भारी वर्षा से गंडक में अब तक का सबसे अधिक पानी आने और तटबंधों के ओवर टॉपिंग, ब्रीच एवं भयावह बाढ़ का उल्लेख है। इससे संबंधित सैटेलाइट फोटो को नासा ने *इमेज ऑफ़ द डे* के रूप में अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किया है। नेपाल के देवघाट में 27 सितंबर को गंडक नदी का उच्चतम जल स्तर 11.94 मीटर दर्ज किया गया था, जो वर्ष 1960 के दशक से अब तक का सर्वाधिक है। इसी प्रकार भारत के बगहा, डुमरियाघाट, रेवाघाट और लालगंज में गंडक नदी के नए रिकॉर्ड उच्चतम जलस्तर का उल्लेख है। कोसी त्रासदी के समय भी नासा ने 27 अगस्त, 2008 को ऐसी रिपोर्ट और सेटिलाइट फोटो जारी किया था।











