IIT पटना ने की 'राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2026' की मेजबानी, छात्रों ने इसरो के वैज्ञानिकों के साथ की बातचीत
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पटना ने यू. आर. राव सैटेलाइट सेंटर (यूआरएससी), इसरो (ISRO) के सहयोग से बिहार के लिए 'राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2026' समारोह का सफलतापूर्वक आयोजन किया।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पटना ने यू. आर. राव सैटेलाइट सेंटर (यूआरएससी), इसरो (ISRO) के सहयोग से बिहार के लिए 'राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2026' समारोह का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यक्रम में अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की उपलब्धियों, विशेष रूप से चंद्रयान-3 की शानदार सफलता का जश्न मनाया गया। साथ ही, युवा छात्रों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति प्रेरित किया गया।
इस कार्यक्रम में पूरे बिहार से लगभग 600 स्कूली छात्रों ने भाग लिया, जिनमें केंद्रीय विद्यालय, फाउंडेशन एकेडमी, बिहार के सरकारी स्कूलों, हाई स्कूल अमहारा, उच्च माध्यमिक विद्यालय दयालपुर/दौलतपुर और अन्य प्रतिभागी स्कूलों के छात्र शामिल थे। उद्घाटन सत्र में आईआईटी पटना के निदेशक प्रो. टी. एन. सिंह; यूआरएससी, इसरो के उप निदेशक डॉ. सेंथिल कुमार; आईआईटी पटना के भौतिकी विभाग के प्रमुख प्रो. नवीन के. निश्चल, इसरो के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक, संकाय सदस्य, शिक्षक और छात्र उपस्थित थे।
छात्रों ने इसरो के वैज्ञानिकों के साथ बातचीत की और भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम तथा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी पर आयोजित तकनीकी वार्ता में भाग लिया। कार्यक्रम में स्पेस क्विज़ (अंतरिक्ष प्रश्नोत्तरी), एक्सटेम्पोर (तात्कालिक भाषण), स्पॉट पेंटिंग और मेमोरी टेस्ट जैसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिन्होंने छात्रों के वैज्ञानिक ज्ञान, रचनात्मकता, संचार कौशल, अवलोकन और टीम वर्क को प्रोत्साहित किया।इस समारोह में बिहार में स्कूली शिक्षा के साथ आईआईटी पटना की निरंतर भागीदारी को भी उजागर किया गया।
आईआईटी पटना के भौतिकी और रसायन विज्ञान विभागों के संकाय सदस्य सरकारी स्कूलों में 11वीं और 12वीं कक्षा के लिए प्रयोगशाला सुविधाओं को अपग्रेड करने के लिए बिहार सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे प्रायोगिक और व्यावहारिक विज्ञान शिक्षा को मजबूती मिल रही है।
इस कार्यक्रम ने युवा शिक्षार्थियों के बीच वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए इसरो, आईआईटी पटना, बिहार सरकार, स्कूलों और शिक्षकों को एक साथ आने के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान किया। लगभग 600 छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में बिहार के युवाओं की गहरी रुचि को दर्शाया।
कार्यक्रम का समापन छात्रों को हमेशा जिज्ञासु बने रहने, विज्ञान और इंजीनियरिंग की दिशा में आगे बढ़ने और भारत के भविष्य के अंतरिक्ष एवं तकनीकी मिशनों में अपना योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करने वाले संदेश के साथ हुआ।
बिहटा से मयंक सिंह की रिपोर्ट












