24 दिनों में पूरा हुआ मानव तस्करी केस का ट्रायल, आरोपी दोषी करार
राज्य के पश्चिमी चंपारण जिले से बडी खबर है। यहां कोर्ट ने एक अहम मामले के ट्रायल को केवल 24 दिनों में पूरा कर लिया है। अब सबकी नजरें कोर्ट द्वारा सुनाए जाने वाली सजा पर टिकी है।
मिली जानकारी के अनुसार पश्चिमी चंपारण के बगहा में कोर्ट ने मानव तस्करी के एक मामले में महज 24 दिनों के भीतर ट्रायल पूरा कर अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। यह बगहा न्यायालय का पहला ऐसा मामला है, जिसमें मानव तस्करी के केस में इतनी तेजी से सुनवाई पूरी हुई है। अब 13 जुलाई को दोनों दोषियों की सजा पर फैसला सुनाया जाएगा।
नेपाल और उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे बगहा पुलिस जिला में मानव तस्करी के खिलाफ न्यायपालिका की सख्त कार्रवाई ने तस्करों में हड़कंप मचा दिया है। नौरंगिया थाना क्षेत्र से जुड़े मानव तस्करी कांड में बगहा व्यवहार न्यायालय के एडीजे-4 मानवेन्द्र मिश्र की अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया है।
इस अहम मामले में आरोप गठन के बाद केवल 24 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी कर अदालत ने दोनों आरोपियों को गिल्टी होल्ड किया। बगहा न्यायालय के इतिहास में यह मानव तस्करी का पहला मामला है, जिसमें इतनी कम अवधि में ट्रायल पूरा कर दोष सिद्ध किया गया है। अब इस मामले में 13 जुलाई को अदालत दोनों दोषियों को सजा सुनाएगी। इस फैसले के बाद नेपाल और उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे इलाकों में सक्रिय मानव तस्करों के बीच हड़कंप का माहौल है। माना जा रहा है कि यह फैसला मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी नजीर साबित होगा।
सिविल कोर्ट बगहा के एपीपी जीतेन्द्र भारती ने बताया कि मामले की सुनवाई त्वरित गति से पूरी की गई और अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी पाया है। अब 13 जुलाई को सजा के बिंदु पर अंतिम फैसला सुनाया जाएगा। मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध के खिलाफ बगहा न्यायालय की यह त्वरित कार्रवाई एक सशक्त संदेश मानी जा रही है। उम्मीद है कि इससे ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और पीड़ितों को समय पर न्याय मिलने का भरोसा और मजबूत होगा।
पश्चिमी चंपारण से परवेज आलम की रिपोर्ट
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