बिहार में बड़े पैमाने पर CO का तबादला, रोहतास CO सस्पेंड, राजस्व विभाग में हड़कंप, भ्रष्टाचार पर सरकार का बड़ा प्रहार
बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया है। राजस्व विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए 10 अंचलाधिकारियों (CO) का तबादला कर दिया है।
बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया है। राजस्व विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए 10 अंचलाधिकारियों (CO) का तबादला कर दिया है। वहीं रोहतास के CO आकाश कुमार रौनियार को निलंबित किया गया है। 3 लाख रुपये रिश्वत लेते निगरानी टीम ने गिरफ्तार किया था। राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कार्रवाई की पुष्टि की है।
बिहार राजस्व विभाग ने 10 अंचलाधिकारियों का तबादला किया है। सात अंचलों में नए अंचल अधिकारियों की तैनाती की गई है। वहीं तीन अंचल अधिकारियों को मुख्यालय में पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखा गया है। मयंक आशुतोष आनंद (कदवा, कटिहार), अश्विनी कुमार (बेनीपुर, दरभंगा) और उमा शंकर (बेतिया सदर) को उनके वर्तमान पद से हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं कुमार हर्ष को विद्यापतिनगर, सीमा रंजन को गोरौल, खुशबू गौतम को सासाराम सदर, पल्लवी कुमारी को बेतिया सदर, प्रीति कुमारी को कदवा, वर्षा रानी को बेनीपुर एवं गरिमा को पुरनहिया का अंचलाधिकारी बनाया गया है।
रोहतास के अंचलाधिकारी आकाश कुमार रौनियार को निलंबित कर दिया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते 22 मई को इन्हें गिरफ्तार किया था। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय सारण के प्रमंडल आयुक्त कार्यालय होगा। जेल से निकलने के बाद वे उसी कार्यालय में अपना योगदान देंगे। रतनी फरीदपुर की CO नुजहत के वायरल वीडियो की भी जांच होगी। जमाबंदी गड़बड़ी और लेन-देन के आरोपों पर जांच टीम बनाया गया है।
भ्रष्टाचार पर सरकार का बड़ा प्रहार माना जा रहा है। इस एक्शन के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। आगे और कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि स्थानांतरित किए गए अफसरों को तुरंत रिलीज करें ताकि वे एक सप्ताह के भीतर अपने नए पदों पर योगदान दे सकें।
वहीं दूसरी तरफ डिजिटल पोर्टल के जरिए सरकारी जमीनों से जुड़ी जमाबंदियों को चिह्नित करने का काम तेज कर दिया गया है। बिहार सर्वेक्षण कार्यालय की उप निदेशक मोना झा ने सभी जिला के डीएम को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि सरकारी भूमि से जुड़ी सभी जमाबंदियों को ऑनलाइन चिह्नित कर प्रदर्शित किया जाए।विभाग ने 'बिहारभूमि पोर्टल' के अंतर्गत ई-जमाबंदी मॉड्यूल में विशेष प्रावधान किए हैं। अब अंचल अधिकारी अपने लॉगिन आईडी के जरिए सीधे यह देख सकेंगे कि उनके क्षेत्र में कौन-कौन सी जमीनें सरकारी खतियान या पंजी के अनुसार सरकारी हैं।