थाने पर हत्या का आरोप, 50 हजार नहीं देने पर पीट-पीटकर मारने का आरोप
पूर्वी चंपारण के मोतिहारी से पुलिस हिरासत में एक व्यक्ति की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कोटवा थाना क्षेत्र में शराब पीने के आरोप में घर से उठाए गए 45 वर्षीय सुदीश कुमार की जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई।

पूर्वी चंपारण के मोतिहारी से पुलिस हिरासत में एक व्यक्ति की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कोटवा थाना क्षेत्र में शराब पीने के आरोप में घर से उठाए गए 45 वर्षीय सुदीश कुमार की जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई।
मौत के बाद परिजनों ने कोटवा थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि सुदीश कुमार को थाने में हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से पीटा गया। इतना ही नहीं, उसे छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
मामला कोटवा थाना क्षेत्र के कोटवा बढ़ावा काला पूर्वी पंचायत के वार्ड नंबर-5 का है। मृतक की पहचान 45 वर्षीय सुदीश कुमार, पिता स्वर्गीय मिठू राम के रूप में हुई है। वह इसी गांव के स्थायी निवासी थे।
परिजनों के अनुसार, घटना वाले दिन शाम करीब साढ़े तीन बजे गांव के चौकीदार ललन दास और राजकुमार सुदीश कुमार के घर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि चौकीदारों ने सुदीश से कहा कि तुम शराब पिए हुए हो और हमें भी शराब पिलाओ। इस पर सुदीश ने जवाब दिया कि न वे शराब पीते है और न बचते है तो कहा से पिलाएंगे
आरोप है कि इसी बात को लेकर दोनों चौकीदारों ने सुदीश को गिरफ्तार करने की धमकी दी। इसके बाद करीब शाम चार बजे कोटवा थानाध्यक्ष मुकेश कुमार पांडे के मौके पर पहुंचने और सुदीश कुमार को गिरफ्तार कर थाने ले जाने की बात परिजनों ने कही है।
परिजनों का आरोप है कि थाने में ले जाने के बाद सुदीश के साथ मारपीट की गई। दावा है कि उसके हाथ-पैर बांध दिए गए और पुलिसकर्मियों ने उसकी पिटाई की। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि सुदीश को छोड़ने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की गई थी।
परिजनों के मुताबिक, जब रुपये नहीं दिए गए तो सुदीश की कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई की गई। पिटाई के बाद उसकी हालत बिगड़ने का भी आरोप लगाया गया है। परिजनों का दावा है कि इसके बाद पुलिस ने आनन-फानन में सुदीश को जेल भेज दिया।
जेल पहुंचने के बाद भी सुदीश कुमार की तबीयत ठीक नहीं हुई। परिजनों के अनुसार, रात करीब 10 बजे उसकी हालत ज्यादा खराब होने पर जेल प्रशासन की ओर से उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन सीधे कोटवा थाना पुलिस पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर सुदीश ने शराब पी थी तो कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन हिरासत में उसके साथ मारपीट क्यों की गई और उसकी हालत बिगड़ने के बावजूद उसे जेल क्यों भेजा गया।
मृतक के रिश्तेदार नारद राम ने आरोप लगाते हुए कहा कि सुदीश उनके छोटे साढ़ू थे। उनके अनुसार, पुलिस उन्हें घर से उठाकर ले गई और थाने में उनके साथ मारपीट की गई। नारद राम का आरोप है कि सुदीश से 50 हजार रुपये मांगे गए और रुपये नहीं देने पर हाथ-पैर बांधकर उसकी पिटाई की गई। उन्होंने कहा कि मारपीट के कारण ही सुदीश की मौत हुई है और परिवार को इंसाफ चाहिए।
सुदीश की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उसके पीछे चार बेटे और दो बेटियां हैं। इनमें एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि बाकी बच्चे अभी छोटे हैं। पिता की मौत के बाद इन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है और परिवार के सामने उनके भरण-पोषण और भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है।
घटना के बाद परिजन बेहद आक्रोशित हैं। वे शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं हैं। परिजनों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए और उन्हें न्याय मिले। परिवार का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
इस मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सुदीश कुमार की मौत किन परिस्थितियों में हुई? क्या पुलिस हिरासत में उसके साथ मारपीट हुई थी? क्या उसके हाथ-पैर बांधकर पिटाई की गई थी? क्या वास्तव में 50 हजार रुपये की मांग की गई थी? और अगर थाने में उसकी तबीयत बिगड़ गई थी तो उसे जेल भेजने से पहले उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया था या नहीं?
कोटवा थाना प्रभारी मुकेश कुमा र पांडे ने बताया कि जब सुदिश कुमार को गिरफ्तार किया गया तभी वह कांप रहा था सुदिश कुमार को कोई मारा पीटा नहीं है उसकी मौत किस कारण से हुई है हमें नहीं पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगी
पूर्वी चंपारण से प्रकाश कुमार की रिपोर्ट











