गोपालगंज पुलिस का बड़ा एक्शन, दर्ज हुई पहली Zero FIR, पुणे से जुड़ा है यह मामला
महाराष्ट्र के पुणे में संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए रामपुर गांव निवासी 28 वर्षीय संदीप कुमार सिंह के मामले में भोरे पुलिस ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है।

महाराष्ट्र के पुणे में संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए रामपुर गांव निवासी 28 वर्षीय संदीप कुमार सिंह के मामले में भोरे पुलिस ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है। घटना स्थल दूसरे राज्य महाराष्ट्र का होने के बावजूद, पीड़ित पिता की गुहार पर भोरे थाने में पहली बार 'जीरो एफआईआर' दर्ज की गई है। मामला दर्ज करने के बाद भोरे थानाध्यक्ष रोहिणी उपाध्याय ने केस की फाइल को तुरंत आगे की कानूनी कार्रवाई और गहन जांच के लिए पुणे के संबंधित 'तलेगांव दाभाड़े पुलिस स्टेशन' स्थानांतरित कर दिया है।
रामपुर गांव निवासी पीड़ित पिता रामाशीष भगत के अनुसार, उनका पुत्र संदीप कुमार सिंह पुणे (महाराष्ट्र) के गुंडी बाड़ी क्षेत्र में रहकर इलेक्ट्रिशियन का काम करता था। बीते 17 मई की शाम लगभग चार बजे वह अपने कमरे से निकला था और उसी दिन तलेगांव रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर मुंबई जाने वाला था। हालांकि, वह न तो मुंबई पहुंचा और न ही वापस घर लौटा। उसी दिन से उसका मोबाइल नंबर लगातार बंद आ रहा है। परिजनों द्वारा रिश्तेदारों और अन्य संभावित स्थानों पर काफी खोजबीन की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने किसी अनहोनी या युवक को बंधक बनाए जाने की आशंका जताते हुए पुलिस से न्याय की गुहार लगाई थी।
आमतौर पर घटना का क्षेत्राधिकार दूसरे राज्य का होने के कारण परिजनों को केस दर्ज कराने के लिए बाहर के चक्कर काटने पड़ते हैं। लेकिन भोरे पुलिस द्वारा तुरंत कार्रवाई करते हुए 'जीरो एफआईआर' दर्ज करने और मामला पुणे पुलिस को ट्रांसफर करने से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है। अब पुणे पुलिस इस दर्ज एफआईआर के आधार पर आधिकारिक जांच शुरू करेगी और युवक की तलाश में तेजी लाएगी। वहीं, परिजनों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से संदीप की जल्द से जल्द सकुशल बरामदगी की मांग की है।
गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट




















