Learning by Playing का अनोखा उदाहरण! शांति निकेतन की शाखाओं में बच्चों ने खास अंदाज में मनाया ‘येलो डे’
Learning by Playing का अनोखा उदाहरण! शांति निकेतन की शाखाओं में बच्चों ने खास अंदाज में मनाया ‘येलो डे’
गयाजी जिले में शांति निकेतन एकेडमी की विभिन्न शाखाओं; ए.पी. कॉलोनी, कटारी हिल रोड (अर्चना हाउस), गोविंदपुरम और रौना (चाकंद) में ‘येलो डे’ बड़े उत्साह और आकर्षण के साथ मनाया गया। इस आयोजन में विद्यालय परिसर पूरी तरह पीले रंग की थीम में रंगा नजर आया, जहां गुब्बारों और सजावटी वस्तुओं से सजी एकेडमी ने उत्सव का माहौल बना दिया।

कार्यक्रम में शिक्षिकाओं के साथ-साथ छोटे बच्चों ने भी पीले रंग के परिधान पहनकर भागीदारी निभाई। इस अवसर पर बच्चों को रंगों की पहचान और उनके महत्व के बारे में रोचक तरीके से जानकारी दी गई। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, इस तरह के आयोजन बच्चों के बौद्धिक और रचनात्मक विकास में सहायक होते हैं और ‘लर्निंग बाय प्लेइंग’ की अवधारणा को मजबूत करते हैं।
विभिन्न कक्षाओं के बच्चों ने अलग-अलग थीम पर आधारित वेशभूषा में अपनी प्रस्तुति दी। प्लेग्रुप के बच्चों में सूर्यांश, सामर्थ भारद्वाज, शानवी शरखेल और आदविक शर्मा शामिल रहे। वहीं नर्सरी कक्षा के दक्ष शेण, प्रिंजल कश्यप, आदिती, इवान सिंह, अर्थव राज और सौम्या राज ने स्माइली और केले की थीम पर आकर्षक रूप धारण किया। जूनियर केजी के छात्र-छात्राएं काव्या, आश्वी, अकांक्षा और याशिका अनानास व आम के रूप में नजर आए, जबकि सीनियर केजी के शौर्य, साहिल, शोभित, शिमरा, खादिजा, ओरैब और शिजान कद्दू और शिमला मिर्च की वेशभूषा में दिखाई दिए।

विद्यालय के चेयरमैन हरि प्रपन्न ने इस अवसर पर बच्चों को रंगों के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि पीला रंग ऊर्जा, सकारात्मक सोच, प्रसन्नता और स्पष्टता का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रकृति में रंगों की उपस्थिति ही जीवन को सुंदर और आकर्षक बनाती है।
विद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देते हैं और उन्हें खेल-खेल में सीखने का अवसर प्रदान करते हैं।
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