काल बना ठनका, धान रोपने के दौरान वज्रपात से एक ही परिवार की तीन महिलाओं की मौत
राज्य के बांका जिले में मंगलवार को ठनका गिरने से तीन महिलाओं की मौत हो गयी। जबकि एक किशोर व एक किशोरी गंभीर रूप से घायल हो गए।

राज्य के बांका जिले में मंगलवार को ठनका गिरने से तीन महिलाओं की मौत हो गयी। जबकि एक किशोर व एक किशोरी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना तब घटी जब महिलाएं धान की रोपनी कर रही थी। तीनों महिलाएं एक ही परिवार की थी।
मिली खबर के अनुसार बांका जिले के चांदन प्रखंड अंतर्गत सुईया थाना क्षेत्र के बोंड़ा गांव में मंगलवार की शाम बारिश के दौरान हुए वज्रपात की चपेट में आने से तीन महिलाओं की मौत हो गयी, जबकि एक किशोर और एक किशोरी गंभीर रूप से घायल हो गये। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गयी। ग्रामीणों की मदद से सभी पांचों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटोरिया पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीन महिलाओं को मृत घोषित कर दिया। दोनों घायलों का इलाज जारी है।
बताया गया कि मंगलवार की शाम महिलाएं खेत में धान रोपने का काम कर रही थीं। इसी दौरान तेज बारिश के साथ अचानक वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में पांच लोग आ गये। मृतकों की पहचान बोंड़ा गांव निवासी शंभू यादव की 45 वर्षीय पत्नी कुसमी देवी, टीपन यादव की 35 वर्षीय पत्नी रिंकू देवी और राजेंद्र यादव की 38 वर्षीय पत्नी रेणु देवी के रूप में हुई है। तीनों महिलाएं आपस में देवरानी, जेठानी थीं। एक ही परिवार से जुड़ी तीन महिलाओं की मौत से गांव में मातम पसर गया है। वहीं सौरभ कुमार, पिता टीपन यादव और रानी कुमारी, पुत्री स्वर्गीय कार्तिक यादव वज्रपात से गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
घटना पर बेलहर के जदयू विधायक मनोज यादव ने दुख जताते हुए कहा कि एक ही परिवार की तीन महिलाओं की मौत बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को बिहार सरकार से मिलने वाली मुआवजा राशि जल्द दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े रहने की बात कही।
ब्यूरो रिपोर्ट











