पलामू का यह पुल बना 'डेथ पॉइंट'! जान जोखिम में डालकर गुजर रहे लोग

पलामू का यह पुल बना 'डेथ पॉइंट'! जान जोखिम में डालकर गुजर रहे लोग

पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र में जपला-नबीनगर मुख्य मार्ग पर स्थित सोनबरसा-लोटनिया के बीच उत्तर कोयल मुख्य नहर पर बना पुराना पुल स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। हाल के वर्षों में इस सड़क पर यातायात का दबाव तेजी से बढ़ा है, लेकिन पुल की संरचना और सुरक्षा व्यवस्था में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं होने से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।

करीब 10 से 12 फीट चौड़ा यह पुल बड़े वाहनों की आवाजाही के लिहाज से अपर्याप्त माना जा रहा है। बस, ट्रक और अन्य चारपहिया वाहन जब पुल से गुजरते हैं तो चालकों को बेहद सावधानी बरतनी पड़ती है। पुल का संकरा और घुमावदार स्वरूप वाहन संचालन को और कठिन बना देता है, जिससे किसी भी समय नियंत्रण बिगड़ने की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पूर्व में भी कई छोटे और बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं।

स्थिति को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि पुल के किनारों पर सुरक्षा रेलिंग उपलब्ध नहीं है। पुल के एक ओर उत्तर कोयल मुख्य नहर में तेज बहाव के साथ पानी बह रहा है, जबकि दूसरी ओर लगभग 40 से 50 फीट गहरी खाई है। ऐसे में यदि किसी वाहन का संतुलन जरा भी बिगड़ जाए तो उसके सीधे नहर या खाई में गिरने का खतरा बना रहता है।

यह मार्ग पलामू और बिहार के औरंगाबाद जिले के बीच महत्वपूर्ण संपर्क का साधन है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री बसें, मालवाहक वाहन, निजी कारें और दोपहिया वाहन इसी रास्ते से गुजरते हैं। बढ़ते यातायात के मुकाबले पुल की सीमित चौड़ाई के कारण अक्सर वाहनों को रुककर एक-दूसरे को रास्ता देना पड़ता है, जिससे जाम और दुर्घटना दोनों की संभावना बढ़ जाती है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल का चौड़ीकरण कराने, दोनों किनारों पर मजबूत सुरक्षा रेलिंग लगाने, चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर और अन्य आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

इस बीच समाजसेवी प्रकाश कुमार ने भी पुल की बदहाल स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किया है। उन्होंने वीडियो के माध्यम से पुल की वास्तविक स्थिति को उजागर करते हुए इसे अत्यंत दुर्घटना संभावित स्थल बताया और संबंधित विभाग से तत्काल सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की अपील की है।

स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से आग्रह किया है कि किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय पुल की सुरक्षा और क्षमता बढ़ाने के लिए शीघ्र कार्रवाई की जाए, ताकि इस महत्वपूर्ण मार्ग से गुजरने वाले लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।