जमशेदपुर: करणी सेना के युवा हिमांशु सिंह हत्याकांड और बढ़ते अपराध के विरोध में एनडीए की ओर से 3 जुलाई शुक्रवार को बुलाए गए जमशेदपुर बंद का शहर में व्यापक असर देखने को मिल रहा है। सुबह से ही शहर भर के प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठान, बाजार और पेट्रोल पंप पूरी तरह से बंद हैं। बंद के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है, जबकि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी लगभग ठप दिख रही है। मुख्य रूप से साकची, गोलमुरी, बर्मामाइंस, टिनप्लेट, टेल्को, बारीडीह, सिदगोड़ा आदि क्षेत्रों में सुबह से ही पेट्रोल पंपों और प्रतिष्ठानों, दुकानों के शटर गिरे हुए हैं और बाजार पूरी तरह से बंद हैं। बंद समर्थकों के सड़क पर उतरने के कारण शहर के लगभग सभी प्रमुख इलाकों में सन्नाटा है।
आपको बता दें गोलमुरी इलाके में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार के नेतृत्व में भारी संख्या में बंद समर्थक सड़कों पर उतरे। कार्यकर्ताओं ने दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद कराया और राज्य सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बंद समर्थकों का कहना है कि शहर में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और अपराधी बेखौफ हो चुके हैं। बंद का ज्यादा असर जमशेदपुर शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली मिनी बसों के परिचालन पर दिख रहा है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और केवल इक्का-दुक्का ऑटो ही चलते दिखाई दे रहे हैं। जिससे यात्रियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। शहर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। समाचार लिखे जाने तक शहर में स्थिति शांतिपूर्ण रही कहीं से भी किसी हिंसक झड़प या अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।