हाजीपुर (वैशाली)। हाजीपुर में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, जनवितरण प्रणाली और सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया।
बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के साथ अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि योजनाओं में लापरवाही और देरी बर्दाश्त नहीं होगी। रेलवे और सड़क की समस्याओं पर भी वरीय अधिकारियों के साथ अलग बैठक करने की बात कही गई।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि बैठकों और कागजी समीक्षा से आगे हाजीपुर शहर और पूरे वैशाली जिले का विकास आखिर धरातल पर कितना हुआ है? कितने प्रतिशत लोगों को आज भी बुनियादी सुविधाओं का इंतजार है? सड़कों, जलनिकासी, स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली की समस्याओं से आम जनता को कितनी राहत मिली है?
अब जरूरत सिर्फ समीक्षा बैठकों की नहीं, बल्कि विकास कार्यों की वास्तविक प्रगति का आंकड़ा सार्वजनिक करने और जनता को उसका जवाब देने की है।
हाजीपुर (वैशाली) से संतोष कुमार सिंह की रिपोर्ट