गोपालगंज : पड़ोसी देश नेपाल में हो रही मूसलाधार बारिश के बाद गंडक नदी उफान पर है, जिसके कारण गोपालगंज जिले में बाढ़ का संकट गहरा गया है। जिले के बरौली, मांझा और बैकुंठपुर प्रखंड बाढ़ के पानी की चपेट में आ चुके हैं। निमुइया पंचायत के सभी वार्ड पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं और अब तक लगभग 10 हजार लोग इस आपदा से सीधे प्रभावित हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 24 घंटे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
नदियों को जोड़ने से ही मिलेगा स्थायी समाधान - MLA मंजीत सिंह
बरौली विधानसभा क्षेत्र से जदयू विधायक मंजीत सिंह ने हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गोपालगंज में बाढ़ एक अंतरराष्ट्रीय समस्या है। पड़ोसी देश नेपाल में भारी बारिश के बाद गंडक नदी रौद्र रूप धारण कर लेती है, जिससे पूरे इलाके में जलप्रलय जैसी स्थिति बन जाती है। उन्होंने कहा कि जब तक नदियों को आपस में जोड़ने का काम पूरा नहीं होगा, तब तक इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। विधायक ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर चुकी है।
तटबंधों की निगरानी तेज, पतहरा-सिहोरवा बांध पर रिसाव से हड़कंप
गंडक नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से पतहरा-सिहोरवा तटबंध पर रिसाव शुरू हो गया है। रिसाव की खबर मिलते ही जल संसाधन विभाग के इंजीनियर मौके पर पहुंचे और तटबंध की सुरक्षा में जुट गए हैं। गोपालगंज के जिलाधिकारी डॉ. समीर सौरभ और पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी सहित तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी लगातार प्रभावित इलाकों और संवेदनशील तटबंधों का मुआयना कर रहे हैं।
राहत-बचाव कार्य युद्ध स्तर पर, ऊंचे स्थानों पर भेजे जा रहे लोग
विधायक मंजीत सिंह स्वयं प्रत्येक पंचायत में कैंप कर राहत कार्यों की कमान संभाले हुए हैं और बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन की व्यवस्था कराई जा रही है। विधायक के साथ अंचलाधिकारी शामा परवीन और थानाध्यक्ष निरंजन कुमार लगातार प्रभावित गांवों का दौरा कर रहे हैं तथा ग्रामीणों को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने के निर्देश दे रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि स्थिति पर पल-पल नजर रखी जा रही है और राहत कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं।
गोपालगंज से अजय श्रीवास्तव की रिपोर्ट