क्या ट्रंप को देंगे झटका, 'किंगमेकर' की भूमिका में 52 लाख भारतीय-अमेरिकी मतदाता
अमरीका में तीन नवंबर 2026 को होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले सबसे अधिक चर्चा भारतीय अमेरिकी वोटर्स की है। क्या इस बार भारतीय वोटर्स अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी को झटका देंगे?

न्यूयार्क : अमरीका में तीन नवंबर 2026 को होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले सबसे अधिक चर्चा भारतीय अमेरिकी वोटर्स की है। क्या इस बार भारतीय वोटर्स अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी को झटका देंगे? हाल के वर्षों में ट्रंप सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए हैं जिससे भारतीयों को अमेरिका में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है ऐसे में ये सवाल वाजिब हो जाता है।
मध्यावधि चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों का प्रचार अभियान अपने चरम पर है
मध्यावधि चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों का प्रचार अभियान अपने चरम पर है। इस बार अमरीकी संसद के दोनों सदनों सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स पर नियंत्रण हासिल करने के लिए रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच ऐतिहासिक और बेहद कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। प्रमुख चुनावी राज्यों में राष्ट्रीय सर्वे यही इशारा कर रहे हैं कि जीत-हार का अंतर बेहद मामूली रहने वाला है।
समुदाय आज अमरीकी राजनीति में सबसे बड़ा राजनीतिक 'स्विंग' फैक्टर बन चुका है
आपको बता दें कि ऐसे में दोनों पार्टियां एक ऐसे विशेष मतदाता वर्ग को साधने में पूरी ताकत लगा रही हैं जो तेजी से बढ़ रहा है। अत्यधिक शिक्षित है और आर्थिक रूप से बेहद संपन्न है। यह वर्ग भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं की है। कभी केवल पारंपरिक 'ब्लू स्टेट्स' (डेमोक्रेटिक गढ़ों) तक सीमित समझा जाने वाला यह समुदाय आज अमरीकी राजनीति में सबसे बड़ा राजनीतिक 'स्विंग' फैक्टर बन चुका है। स्विंग राज्यों में इनकी बढ़ती आबादी और मजबूत मतदान भागीदारी ने इन्हें 2026 के मध्यावधि चुनावों में 'किंगमेकर' की भूमिका में ला खड़ा किया है।
अमरीका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय
यूनाइटेड स्टेट्स सेंसस ब्यूरो के नवीनतम आंकड़ों और एशियन अमेरिकन और पैसिफिक आइलैंडर डेटा के अनुसार, अमरीका में भारतीय मूल के लोगों की आबादी में पिछले डेढ़ दशक में काफी बढ़ी है। वर्ष 2010 में अमरीका में भारतीय मूल की आबादी लगभग 28 लाख (2.8 मिलियन) थी, जो 2026 तक बढ़कर 52 लाख (5.2 मिलियन) से अधिक हो चुकी है। यानी एक दशक से थोड़े अधिक समय में इसमें 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे यह अमरीका में सबसे तेजी से बढ़ने वाला एशियाई-अमेरिकी समूह बन गया है।
52 लाख की कुल आबादी में से 21 लाख से अधिक योग्य वयस्क अमरीकी नागरिक हैं, जो मतदान करने के पात्र हैं
वहीं इस 52 लाख की कुल आबादी में से 21 लाख से अधिक योग्य वयस्क अमरीकी नागरिक हैं, जो मतदान करने के पात्र हैं। जॉर्जिया, पेंसिल्वेनिया, नॉर्थ कैरोलिना, टेक्सास, मिशिगन और एरिजोना जैसे चुनावी रूप से बेहद संवेदनशील राज्यों के उपनगरीय इलाकों में इस समुदाय का घनत्व काफी अधिक है। इन राज्यों में जीत-हार का अंतर कुछ हजार वोटों का ही होता है जहां 21 लाख भारतीय-अमेरिकी मतदाता परिणाम पलटने की क्षमता रखते हैं।













