बिहार में सीएम सम्राट चौधरी की कैबिनेट का विस्तार हो गया है। नई सरकार में कुल 32 मंत्री शामिल किए गए हैं। सीएम सम्राट ने गुरुवार की शाम नए मंत्रियों में विभागों का बंटवारा भी कर दिया है। वैसे तो बिहार में मंत्रिमंडल में जातीय समीकरणों की चर्चा ज्यादा होती है लेकिन सम्राट कैबिनेट में शामिल एक एक ऐसे नेता भी हैं जिनकी एकेडमिक प्रोफाइल देखकर बड़े-बड़े दिग्गज हैरान रह जाते हैं। झंझारपुर से बीजेपी विधायक और अब सम्राट चौधरी सरकार में कैबिनेट मंत्री बने नीतीश मिश्रा को सबसे पढ़ा-लिखा नेता माना जाता है। उनकी डिग्रियां दिल्ली से लेकर लंदन, नीदरलैंड और अमेरिका के हार्वर्ड तक फैली हुई हैं।
नीतीश मिश्रा की शिक्षा की शुरुआत पटना के प्रतिष्ठित सेंट माइकल हाई स्कूल से हुई। स्कूली शिक्षा के बाद वे दिल्ली चले गए और दिल्ली यूनिवर्सिटी के जाकिर हुसैन कॉलेज से साल 1994 में इतिहास (B.A. Hons) में स्नातक की डिग्री ली। उन्होंने दिल्ली के FORE स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के साथ-साथ नीदरलैंड के मास्ट्रिच स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की। इसके बाद वे मशहूर ‘ब्रिटिश शेवनिंग स्कॉलर’ चुने गए और इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ हल (Hull) से ‘ग्लोबल पॉलिटिकल इकोनॉमी’ में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया। इतना ही नहीं साल 2016 में नीतीश मिश्रा ने दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के जॉन एफ. कैनेडी स्कूल से ‘इमर्जिंग लीडर्स प्रोग्राम’ भी पूरा किया। 2008 में उन्हें ‘MTV यूथ आइकॉन’ का सम्मान मिला और ब्रिटिश हाई कमीशन ने उन्हें भारत के 30 सबसे प्रभावशाली युवा नेताओं में शामिल किया था।
नीतीश मिश्रा बिहार के कद्दावर नेता और तीन बार मुख्यमंत्री रहे डॉ. जगन्नाथ मिश्रा के बेटे हैं। उनके चाचा ललित नारायण मिश्र देश के रेल मंत्री रहे थे। नीतीश मिश्रा नीतीश सरकार में कई विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। अब एक बार फिर 7 मई 2026 को सम्राट चौधरी सरकार में उन्होंने मंत्री पद की शपथ ली है। इस बार उन्हें बिहार के नगर विकास एवं आवास और आईटी जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं सम्राट कैबिनेट के सबसे कम पढ़े-लिखे नेता की बात करें तो भगवान सिंह कुशवाहा ने मैट्रिक तक पढ़ाई की है। वर्ष 1990 में जगदीशपुर विधानसभा सीट से इंडियन पीपुल्स फ्रंट के टिकट पर पहली बार विधायक बने। इसके बाद 2000, 2005 एवं 2025 में जगदीशपुर से विधायक निर्वाचित। ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में कार्य करने का अनुभव। इस बार सम्राट कैबिनेट में उन्हें योजना एवं विकास विभाग का मंत्री बनाया गया है।
बता दें कि सम्राट कैबिनेट विस्तार में बीजेपी को सबसे ज्यादा 15 (सीएम समेत), जेडीयू को 13, जबकि लोजपा (रामविलास), हम (सेकुलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को भी हिस्सेदारी दी गई। बिहार में नई सरकार बनने के बाद कैबिनेट मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गृह समेत अहम विभाग अपने पास रखे.हैं, जबकि डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव को जल संसाधन व वित्त जैसे प्रमुख मंत्रालय मिले हैं।