बीजेपी में शामिल होते ही रितु जायसवाल की हो गई फजीहत! पार्टी का नाम तक भूल गईं, मंच पर मौजूद भाजपा नेता रह गए हैरान

तेजस्वी यादव का साथ छोड़कर आरजेडी की पूर्व नेता रितु जायसवाल मंगलवार को बीजेपी में शामिल हो गई। हालांकि इस दौरान उनकी फजीहत भी हो गई। रितु जायसवाल बीजेपी का नाम ही भूल गई।

बीजेपी में शामिल होते ही रितु जायसवाल की हो गई फजीहत! पार्टी का नाम तक भूल गईं, मंच पर मौजूद भाजपा नेता रह गए हैरान
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
: May 26, 2026, 3:09:00 PM

तेजस्वी यादव का साथ छोड़कर आरजेडी की पूर्व नेता रितु जायसवाल मंगलवार को बीजेपी में शामिल हो गई। उन्हें बिहार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने सदस्यता दिलाई। हालांकि इस दौरान उनकी  फजीहत भी हो गई। रितु जायसवाल बीजेपी का नाम ही भूल गई। नाम भूलने पर हंसने लगीं, यह देख बीजेपी नेताओं ने इज्जत बचाने की भरपूर कोशिश की। प्रदेश अध्यक्ष ने बीजेपी में शामिल हुई रितु जायसवाल को भारतीय जनता पार्टी नाम याद कराया। 

दरअसल रितु जायसवाल आज मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं। जहां प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने उन्हें पार्टी की  सदस्यता दिलाई। बीजेपी में शामिल होने के बाद रितु जायसवाल ने अपना संबोधन शुरू हुआ।  माइक पकड़कर उन्होंने बोलना शुरू किया।  मैं आज भारतीय जनता....। इतना कहकर रितु जायसवाल रूक गईं। फिर रितु जायसवाल प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल की तरफ देखने लगी। 

उनकी बाईं तरफ बैठे संजय सरावगी और दिलीप जायसवाल समझ गए कि रितु जायसवाल पार्टी का नाम ही भूल गईं हैं। तभी उन्होंने धीरे से रितु जायसवाल के अधूरे लाइन को पूरा किया और बोला ''पार्टी''। संजय सरावगी धीरे से यह शब्द बोलकर दिलीप जायसवाल की तरफ मुड़े. दिलीप जायसवाल ने भी धीरे से 'पार्टी' शब्द कहा। पार्टी का नाम भूलने के बाद फिर से बोलने के बाद रितु जायसवाल मंच पर ही हंसने लगीं। हंसते हुए भारतीय जनता पार्टी बोला। 

बीजेपी में शामिल होने के बाद ऋतु जायसवाल ने कहा कि आज वह पूरी मजबूती और आत्मविश्वास के साथ पार्टी में शामिल हो रही हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी राष्ट्रहित की राजनीति करती है और देश से बढ़कर कुछ भी नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि वे राष्ट्रहित और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की बात करते हैं।  

बता दें कि रितु जायसवाल आरजेडी की महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष थीं और 2020 में परिहार सीट से बेहद मामूली अंतर से चुनाव हारी थीं। पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काटकर रामचंद्र पूर्वे की बहू को उम्मीदवार बना दिया था। इस फैसले से नाराज होकर रितु जायसवाल ने बगावती तेवर अपनाए और परिहार सीट से निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गईं।  निर्दलीय लड़ने के बावजूद उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए  65 हजार वोट हासिल किए और आरजेडी उम्मीदवार को तीसरे स्थान पर धकेल दिया था। इस बगावत के बाद आरजेडी ने उन्हें 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था।