बहुचर्चित IRCTC घोटाला मामले में लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ सकती है। IRCTC घोटाला मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट आज बुधवार को फैसला सुना सकता है। अदालत लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 16 आरोपियों पर आरोप तय करने पर फैसला लेगी।
बहुचर्चित IRCTC घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केस की सुनवाई विशेष न्यायाधीश विशाल गोने की अदालत में हो रही है। जहां कोर्ट यह तय करेगी कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दाखिल चार्जशीट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाएं या नहीं। इस मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत कुल 16 लोग आरोपी हैं। पिछली सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने इन आरोपों का खंडन करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया था, जबकि ईडी ने कोर्ट के सामने पुख्ता साक्ष्य होने का दावा किया है।
दरअसल यह मामला करीब दो दशक पुराना है, जब साल 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद यादव केंद्र की यूपीए-1 सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि रेलवे के दो प्रतिष्ठित होटलों, बीएनआर रांची और बीएनआर पुरी के रखरखाव और संचालन का जिम्मा एक निजी कंपनी 'सुजाता होटल्स' को सौंपा गया था. इसके बदले में लालू यादव के परिवार को पटना में करोड़ों की कीमती जमीन उपहार के तौर पर दी गई थी।
जांच एजेंसियों के मुताबिक कोचर बंधुओं (सुजाता होटल्स के मालिक) ने पटना में बेली रोड स्थित करोड़ों की जमीन ‘डिलाइट मार्केटिंग कंपनी’ को ट्रांसफर की थी, जिसका नियंत्रण बाद में लालू यादव के परिवार के पास आ गया। सीबीआई ने इस मामले में भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया था, जिसके आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी।
बता दें कि आज का दिन लालू परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि कोर्ट यह तय करेगा कि मामले में आगे ट्रायल चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं या नहीं। इससे पहले सीबीआई (CBI) द्वारा दर्ज किए गए भ्रष्टाचार के मामले में पहले ही आरोप तय हो चुके हैं। यदि आज कोर्ट मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को बरकरार रखता है, तो लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।