एक क्लिक पर मिलेगी चुनाव आयोग की हर सुविधा, 40 पोर्टल को जोड़कर बना ईसीआईनेट
भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए एक बड़ी पहल करते हुए 40 अलग-अलग पोर्टल को एकीकृत कर ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है।

भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए एक बड़ी पहल करते हुए 40 अलग-अलग पोर्टल को एकीकृत कर ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बीते सोमवार को राजधानी पटना से ईसीआई 2.0 एवं ईसीआईनेट का शुभारंभ किया। इस नए प्लेटफॉर्म पर वोटर लिस्ट चेक करने से लेकर बीएलओ से संपर्क और समाधान तक की हर सुविधा एक क्लिक पर उपलब्ध होगी।
ईसीआईनेट के जरिए चुनाव से जुड़ी सभी जानकारियों को एक जगह एकीकृत किया गया है। पहले वोटर हेल्पलाइन ऐप, सी-विजिल, सक्षम, वोटर टर्नआउट ऐप, नो योर कैंडिडेट जैसे 40 से अधिक प्लेटफॉर्म अलग-अलग चलते थे। मतदाता को अलग-अलग कामों के लिए 40 अलग-अलग पोर्टल पर जाना पड़ता था। अब एक ही ऐप या पोर्टल से सभी काम होंगे। यह प्लेटफॉर्म वोटर, चुनाव अधिकारी, राजनीतिक दल और सभी हितधारकों के लिए एक ही जगह पर सभी चुनावी सेवाएं उपलब्ध कराता है। अब तक इस ऐप को करीब 11 करोड़ लोगों ने अपने फोन में डाउनलोड भी कर लिया है। भारत निर्वाचन आयोग का लक्ष्य है कि इस वर्ष के अंत तक इसे कम से कम 30 करोड़ लोगों तक पहुंचाया जाए।
भारत निर्वाचन आयोग के नए वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म ईसीआईनेट ने विधानसभाओं के आम चुनाव और उपचुनाव 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है। आयोग ने कहा है कि ईसीआईनेट ने चुनावी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित बनाने के साथ-साथ रियल-टाइम मॉनिटरिंग, तेज रिपोर्टिंग और पारदर्शिता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाई है।
वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने और सुधारने के लिए फॉर्म 6, 7 और 8 की सुविधा ईसीआईनेट ऐप पर ही मिल जाएगी। उम्मीदवार की पूरी जानकारी के लिए 'नो योर कैंडिडेट' मॉड्यूल है। अब नागरिक ईसीआईनेट ऐप से सीधे अपने बीएलओ के साथ कॉल बुक कर सकते हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि ईसीआईनेट भारत के चुनाव प्रबंधन में डिजिटल क्रांति है, जिससे चुनाव पहले से ज्यादा सुरक्षित, तेज और पारदर्शी हुए हैं।
ईसीआईनेट की परिकल्पना मई 2025 में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू एवं डॉ. विवेक जोशी ने की थी। आयोग ने इसे 22 जनवरी 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आईआईसीडीईएम (अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन सम्मेलन) कॉन्फ्रेंस में दुनिया के सबसे बड़े चुनावी सेवा प्लेटफॉर्म के तौर पर लॉन्च किया था। इसका ट्रायल बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में हो चुका है, जो सफल रहा था।
इस प्लेटफॉर्म पर 11 लाख से ज्यादा बीएलओ रजिस्टर्ड हैं। एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान 150 करोड़ से ज्यादा डॉक्यूमेंट्स डिजिटाइज किए गए। यह 22 भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में उपलब्ध है। वोटर रजिस्ट्रेशन, नाम जोड़ना, हटाना और सुधारना, डिजिटल वोटर कार्ड आदि के अलावा यहां उम्मीदवार की आपराधिक पृष्ठभूमि, शिक्षा, संपत्ति, देनदारी, सोशल मीडिया, पोलिंग स्टेशन और पोलिंग ट्रेंड यानी रियल-टाइम में कितना वोट पड़ा, जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। इतना ही नहीं आधिकारिक कामों के लिए ईआरओ नेट, बीएलओ ऐप, ऑब्जर्वर, डीईओ, सीईओ सभी एक ही प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्डेड हैं। यानी "छोटी सी दुनिया में सब जुड़े हुए हैं"। ईसीआईनेट ऐप को गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर पर जाकर डाउनलोड किया जा सकता है।












