बैंक धोखाधड़ी मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, अनिल अंबानी से जुड़ी 16,000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति अटैच

बैंक धोखाधड़ी मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, अनिल अंबानी से जुड़ी 16,000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति अटैच

बैंक धोखाधड़ी मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, अनिल अंबानी से जुड़ी 16,000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति अटैच
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 13, 2026, 1:41:00 PM

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल अंबानी समूह से जुड़ी कंपनियों पर कार्रवाई तेज करते हुए देशभर में फैली करोड़ों रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। एजेंसी ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े मामले में लगभग 581.65 करोड़ रुपये मूल्य की 31 अचल संपत्तियों को जब्त किया है।

ईडी के मुताबिक ये संपत्तियां झारखंड, गोवा, केरल, कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में जमीन के रूप में स्थित हैं। यह कार्रवाई 6 मार्च 2026 को रिलायंस पावर लिमिटेड से जुड़े मामले में की गई तलाशी के बाद सामने आई है।

पहले भी हजारों करोड़ की संपत्तियां हो चुकी हैं अटैच

जांच एजेंसी ने बताया कि इससे पहले बैंक धोखाधड़ी के मामलों में रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़ी करीब 15,729 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां पहले ही अटैच की जा चुकी हैं। ताजा कार्रवाई के बाद अनिल अंबानी समूह से जुड़ी कुल अटैच संपत्तियों का आंकड़ा अब लगभग 16,310 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने 2.48 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट, म्यूचुअल फंड निवेश और नकदी भी जब्त किए हैं। इसके साथ ही रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के 13 बैंक खातों में मौजूद करीब 77.86 करोड़ रुपये को भी फ्रीज कर दिया गया है।

CBI की FIR के बाद शुरू हुई जांच

ईडी के अनुसार इस पूरे मामले की जांच 22 जुलाई 2025 को दर्ज की गई सीबीआई की कई एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। जांच के दौरान एजेंसी को पता चला कि रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस ने विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों से भारी रकम उधार ली थी।

इन कर्जों में से करीब 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि बाद में एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) में बदल गई। जांच में यह भी सामने आया कि कंपनियों द्वारा जुटाए गए इस सार्वजनिक धन को कथित तौर पर कई शेल कंपनियों के जरिए समूह की अन्य इकाइयों में ट्रांसफर किया गया।

ईडी का कहना है कि जिन शेल कंपनियों के माध्यम से धन का ट्रांसफर हुआ, उनका संबंध अनिल अंबानी समूह से बताया जा रहा है। एजेंसी के मुताबिक इन कंपनियों की वास्तविक वित्तीय क्षमता बेहद सीमित थी, लेकिन इनके जरिए बड़े पैमाने पर धन का लेन-देन किया गया।

जांच एजेंसी ने संकेत दिया है कि मामले में अभी और जांच जारी है और आर्थिक अपराध से जुड़े जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी।