25YearsOfSeva : PM मोदी ने कहा- ये जनता-जनार्दन के निरंतर आशीर्वाद का परिणाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के मुखिया के रूप में अपने सफल 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। उन्होंने सात अक्टूबर 2001 को पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। वह लगभग 13 साल तक लगातार गुजरात के मुख्यमंत्री रहे।

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के मुखिया के रूप में अपने सफल 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। उन्होंने सात अक्टूबर 2001 को पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। वह लगभग 13 साल तक लगातार गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। इस अवसर पर नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में 'विकसित भारत संकल्प सभा-सेवा ज्योति यात्रा' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पीएम ने देश की जनता को 'We Will Do It' (हम करके रहेंगे) का नया मंत्र और संकल्प दिया। वर्ष 2047 तक भारत को एक आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। बता दें कि प्रधानमंत्री ने सरकार के प्रमुख के तौर पर अपने 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर नई दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना की।
PM मोदी ने कहा- मैं आप सभी का और सभी देशवासियों का आभार व्यक्त करता हूं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि मैं आप सभी का और सभी देशवासियों का आभार व्यक्त करता हूं। सात अक्टूबर, 2001 को जब मैंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, तब सोचा नहीं था कि कभी ये पड़ाव भी आएगा। आज मुझे Head of the Government के तौर पर निरंतर सेवा करते हुए 25 वर्ष पूरे हो गए हैं। ये जनता-जनार्दन के निरन्तर आशीर्वाद का परिणाम है। भाजपा, एनडीए व लोकतंत्र के प्रति अपार श्रद्धा रखने वाले सभी राजनीतिक साथियों का मैं आभार व्यक्त करता हूं। मैं देश की जनता के चरणों में शीश झुकाकर नमन करता हूं।
मैं आज भारत के लोकतंत्र का, भारत के संविधान का भी वंदन करता हूं - मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि इस दौरान इतने सारे चुनाव हुए। चाहे वो विधानसभा के चुनाव हों या लोकसभा के चुनाव, जनता ने हमेशा मुझे अपनी सेवा के लिए चुना। मैं आज भारत के लोकतंत्र का, भारत के संविधान का भी वंदन करता हूं। मैं सेवा ज्योति यात्रा में भाग लेने वाले सभी नागरिकों का भी अभिनंदन करता हूं। आज प्रातः मैं श्री विनायक मंदिर में दर्शन के लिए गया था। मैंने परमात्मा के सामने देश के लिए प्रार्थना की, 140 करोड़ भारतवासियों के लिए प्रार्थना की और अपने लिए भी प्रार्थना की। प्रार्थना ये कि परमात्मा मुझे इतनी शक्ति और सामर्थ्य दीजिए कि मैं अपने देश के लिए और अधिक ऊर्जा के साथ काम कर सकूं। देशवासियों की और अधिक सेवा कर सकूं, दिन-रात सेवा कर सकूं।

मोदी ने कहा- मेरे लिए जनता-जनार्दन ईश्वर का ही रूप है
उन्होंने कहा कि आज मैं जो कुछ हूं, जहां भी हूं, जिस दायित्व पर हूं, उसमें सबसे बड़ा योगदान जनता-जनार्दन का ही है। मेरे लिए जनता-जनार्दन ईश्वर का ही रूप है। लाखों-करोड़ों देशवासियों के विश्वास और लाखों कार्यकर्ताओं का परिश्रम ही, मेरी सबसे बड़ी शक्ति रही है। देश ने मुझे बहुत कुछ दिया है। इसलिए देश के लिए मेरा दायित्व भी सबसे अधिक है। मैं हृदय से ये मानता हूं कि देश के हर नागरिक का मुझपर सबसे बड़ा हक है। ये 25 वर्ष का जन विश्वास, ये 25 वर्षों का अनुभव बहुत बड़ी पूंजी है। ये पूंजी सिर्फ मोदी की नहीं है, ये पूंजी देश की है। मां भारती की हर संतान इस पूंजी की अधिकारी है।
हर दिन कुछ नया सीखने का प्रयास करता हूं - नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे याद है कि जब मैं वडनगर के स्कूल में पढ़ने जाता था, तब हमारे मास्टर जी तरह-तरह के पाठ पढ़ाते थे और क्लास में सबसे पहले पहुंचने वाले students में हमेशा मेरा नाम होता था। सीखने की वो ललक मेरे जीवन का हिस्सा बन गई और मैं आज भी स्वयं को एक विद्यार्थी ही मानता हूं। हर दिन कुछ नया सीखने का प्रयास करता हूं। आज जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो केवल कृतज्ञता का भाव ही नजर आता है। मैं कृतज्ञ हूं, हर उस व्यक्ति, हर उस घटना के प्रति जिसने मुझे कुछ न कुछ सिखाया है। जिसने मुझे जिताया, मुझे विनम्र होना सिखाया। जिसने मुझे गिराया, मुझे फिर खड़ा होना सिखाया। शुभचिंतकों ने मुझे प्रोत्साहित किया और आलोचकों ने मुझे अपने भीतर झांकना सिखाया। जिसने मेरा साथ दिया, मुझे विश्वास की शक्ति दिखाई। जिसने मेरा विरोध किया, मुझे लोकतंत्र की शक्ति समझाई। हर संकट मेरे धैर्य की परीक्षा रहा, हर सफलता ने मेरे दायित्व को विस्तार दिया और हर सिद्धि ने बड़े लक्ष्यों की तरफ बढ़ने का साहस और जज्बा दिया।
PM ने कहा- आज का ये दिन सिर्फ यादों के लिए नहीं है
पीएम ने कहा कि आज का ये दिन सिर्फ यादों के लिए नहीं है। ये अपने संकल्पों को नई ऊर्जा से भरने का दिन है। ये दिन उस वादे को दोहराने और उस इरादे को व्यक्त करने का दिन है, जो कहता है कि हम करके रहेंगे। लाल किले से मैंने ' सबका प्रयास' की बात की थी। भारत को नई बुलंदियों पर पहुंचाने के लिए जो जोश और जज्बा चाहिए, वो एक ही संदेश देता है कि हम करके रहेंगे, We Will Do It। Viksit Bharat at 2047 : We Will Do It। Top 3 Economy : We Will Do It। Atmanirbhar Bharat : We Will Do It। Global Manufacturing Hub : We Will Do It। Olympics का आयोजन : We Will Do It। अंतरिक्ष में कदम : We Will Do It। ये ऊर्जा, ये उत्साह, ये आत्मविश्वास अद्भुत है।

सरकार के मुखिया के तौर पर 25 वर्षों की इस निरंतर यात्रा को लोग उपलब्धि मानते हैं - नरेंद्र मोदी
उन्होंने कहा कि जिस राष्ट्र के लोगों की धमनियों में ऐसा आत्मविश्वास लहू बनकर दौड़ता है, उसे कोई रोक नहीं सकता। सरकार के मुखिया के तौर पर 25 वर्षों की इस निरंतर यात्रा को लोग उपलब्धि मानते हैं। लेकिन, मेरे लिए ये व्यक्तिगत महिमामंडन का विषय नहीं है और न ही ये इसका अवसर है। मेरा राजनीतिक रिपोर्ट कार्ड सिर्फ संगठन का काम करने वाले का ही था। मैंने चुनाव लड़ाए थे, लेकिन एक भी चुनाव नहीं लड़ा था। चुनावी राजनीति में चमकने की चाहत होती, तो बहुत पहले ही मैदान में उतर सकता था। लेकिन ये मेरा मिजाज नहीं था। क्योंकि बाल्यकाल से मुझे जो शिक्षा-दीक्षा मिली, वो यही थी कि मैं Ambition के लिए नहीं, Mission के लिए जीने वाला इंसान रहा हूं।
मुझे जो भी जिम्मेदारियां मिली, मैं उन्हें निभाता चला गया - मोदी
मोदी ने कहा कि मुझे जो भी जिम्मेदारियां मिली, मैं उन्हें निभाता चला गया। जीवन का एक ही ध्येय था, देश के लिए निश्वार्थ कर्म। मेरे लिए कर्म ही सबकुछ है, कर्म ही मेरा धर्म है। मेरा अधिकार मेरे कर्म पर है, इसलिए मैं कर्म को अपना कर्तव्य मानता हूं। हर कर्म पूरी क्षमता से करता रहूं और निरंतर कर्म करता रहूं। कर्म करो, काम रुकना नहीं चाहिए, प्रयास रुकना नहीं चाहिए। इसलिए, मेरे लिए कर्म सिर्फ जिम्मेदारी नहीं है, ये देश के प्रति मेरी साधना है। कर्म देश के लिए, कर्म देशवासियों के लिए। इसमें भाव यही है - मा फलेषु कदाचन! फल की चिंता नहीं, श्रेय की भी चिंता नहीं।
PM ने कहा- हमने इस अनादि राष्ट्र में जन्म लिया है, ये एहसास ही अमृत है
पीएम ने कहा कि देश ने अवसर दिया, लोगों ने विश्वास दिया, परिस्थितियों ने सीख दी, जिसकी वजह से मुझे देशवासियों की अविरल सेवा का अवसर मिल रहा है। जब बात देश की होती है, तो पद, प्रतिष्ठा, अधिकार का कोई महत्व नहीं रहता। हमने इस अनादि राष्ट्र में जन्म लिया है, ये एहसास ही अमृत है। इसके सामने सत्ता सुख कुछ भी नहीं है। पद और प्रतिष्ठा तो दुनिया में कहीं भी मिल सकती है। लेकिन भारत जैसी पुण्य भूमि नहीं मिलेगी। वो भारत, जिसने अंधकार के युग में भी मानवता को ज्ञान दिया, मूल्यों का प्रकाश दिया। उस राष्ट्र की सेवा का अवसर मिलना ही अमूल्य है। स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि एक दिन, एक अद्भुत, गौरवशाली और महान भारत का उदय होगा।

महर्षि अरबिंदो ने भी कहा था कि भारत के भाग्य का सूरज जरूर उगेगा - प्रधानमंत्री
उन्होंने कहा कि महर्षि अरबिंदो ने भी कहा था कि भारत के भाग्य का सूरज जरूर उगेगा और उसकी रोशनी पूरे विश्व को आलोकित करेगी। अदम्य साहस और अमिट जिजीविषा में तपे हमारे वो पूर्वज, हम उन्हीं की संतान हैं, उन्हीं के तप, त्याग और बलिदानों का परिणाम है। आज हमारे पास एक ऐसा देश है, जहां हमारे सपने स्वतंत्र हैं और उन्हें पूरा करने का सामर्थ्य भी हमारे पास है। आज ही हम खुद ही अपनी नियति के नियंता हैं। आज 2026 में हम विकसित भारत को जो सपना देख रहे हैं, वो अवश्य पूरा होगा। कोई कारण ही नहीं है कि भारत अब रुके। 100 साल पहले तो हम 40 करोड़ से भी कम थे, आज हम 140 करोड़ से भी ज्यादा हैं। 140 करोड़ देशवासी मिलकर 2047 का विकसित भारत बनाएंगे और जरूर बनाएंगे। We Will Do It।













