नशामुक्त भारत के लिए जनभागीदारी जरूरी, राज्यपाल गंगवार ने किया आह्वान

झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बुधवार को रांची स्थित लोक भवन में आयोजित नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम में युवाओं को नशे और मादक पदार्थों से दूर रहने का संदेश दिया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से चलाए जा रहे "दस करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान" के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि नशे की लत केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उसके परिवार, समाज और पूरे भविष्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालती है।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि युवाओं को नशे और ड्रग्स जैसी हानिकारक प्रवृत्तियों से बचाना समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है, जब नई पीढ़ी शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत हो तथा किसी भी प्रकार के व्यसन से दूर रहे।
राज्यपाल ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि संस्था लंबे समय से आध्यात्मिक शिक्षा, नैतिक मूल्यों के प्रसार, मानसिक शांति और राजयोग के माध्यम से व्यक्तित्व विकास का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से शुरू किया गया यह व्यापक अभियान वर्तमान समय की जरूरतों के अनुरूप एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने भारतीय संस्कृति के मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि आत्मसंयम, अनुशासन और सात्विक जीवनशैली व्यक्ति को बुरी आदतों से दूर रखने की शक्ति प्रदान करती है। उनके अनुसार, योग, ध्यान और सकारात्मक सोच से आत्मविश्वास तथा इच्छाशक्ति का विकास होता है, जिससे व्यक्ति स्वस्थ, संतुलित और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित होता है।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए 'नशा मुक्त युवा के लिए विकसित भारत संकल्प अभियान' का उल्लेख करते हुए कहा कि नशामुक्त भारत का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से पूरा नहीं होगा। इसके लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि परिवार, शिक्षण संस्थान, सामाजिक और धार्मिक संगठन, आध्यात्मिक संस्थाएं, मीडिया तथा जागरूक नागरिक मिलकर इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दे सकते हैं।
उन्होंने विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और विद्यालयों से विशेष आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों को नियमित रूप से नशे और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें तथा अपने परिसरों में नशामुक्ति को एक सामाजिक अभियान के रूप में आगे बढ़ाएं।
कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, डीन छात्र कल्याण (डीएसडब्ल्यू), प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रतिनिधि बहनें तथा लोक भवन के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।





















